मामला सामने आने के बाद नवविवाहिताओं ने नए मंगलसूत्र खरीदने के लिए राशि देने की मांग की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
शादी के कुछ समय बाद कई दुल्हनों ने शिकायत की कि उनके मंगलसूत्र का रंग काला पड़ने लगा। इसके बाद जब मंगलसूत्र की जांच कराई गई तो दावा किया गया कि उसमें चांदी की जगह गिलट का उपयोग किया गया है।
मामला सामने आने के बाद प्रभावित महिलाओं ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए चलाई जा रही योजना में इस तरह की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। महिलाओं ने जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
नवविवाहिता संजना दयाल ने बताया कि उनकी शादी 10 फरवरी को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुई थी। विवाह के दौरान मिला मंगलसूत्र बाद में नकली निकला। उन्होंने बताया कि पहनने के कुछ समय बाद उसका रंग काला पड़ने लगा। जांच कराने पर पता चला कि वह असली चांदी का नहीं है। संजना ने कहा कि योजना के तहत मिले मंगलसूत्र की गुणवत्ता को लेकर उन्हें निराशा हुई है।
इस खबर के सामने आने के बाद इलाके में भी लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। फिलहाल विभाग की ओर से इस मामले में कोई अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गड़बड़ी और घोटाले के आरोप लगे थे, जिसकी जांच अब तक जारी है। अब एक बार फिर मंगलसूत्र को लेकर विवाद सामने आया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि जिला स्तर पर सही तरीके से जांच नहीं हुई तो वे इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों से करेंगे, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। फिलहाल विभाग की ओर से इस मामले में कोई अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गड़बड़ी और घोटाले के आरोप लगे थे, जिसकी जांच अब तक जारी है। अब एक बार फिर मंगलसूत्र को लेकर विवाद सामने आया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि जिला स्तर पर सही तरीके से जांच नहीं हुई तो वे इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों से करेंगे, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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