भिलाई की पत्रिका न्यूज़: 27 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, पेपर ली-क पर PM मोदी का बड़ा संदेश
करीब 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। यहां जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस फैसले पर खुशी जताई। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का 35वां दिन रहा। हजारों प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। इसी दौरान देर रात संसद मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। CJP ने आज देशभर में प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
वांगचुक ने बताई अनशन खत्म करने की वजह
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के बाद, साथ ही देश में संभावित हि*ंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
इन दो शर्तों पर टूटा अनशन
लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक शेरिंग दोरजे लकरुक के मुताबिक, वांगचुक ने दो प्रमुख शर्तों पर अपना अनशन खत्म किया।
- सरकार ने लिखित आश्वासन दिया कि यदि छात्र हि*ंसक नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर कार्रवाई की जाएगी।
- सरकार ने अपनी जा-न गंवा चुके लोगों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का भी लिखित आश्वासन दिया है।
28 जून से शुरू हुआ था अनिश्चितकालीन अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया। वे नीट पेपर ली-क मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे एक अलग वीडियो जारी कर अनशन खत्म करने की शर्तों की पूरी जानकारी देंगे। साथ ही सभी से अपील की कि कहीं भी किसी तरह की हि*ंसा न होने दें।
पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द स्वस्थ होकर अपना पुराना वजन वापस हासिल करें। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।
छात्रों के लिए आधी रात को पीएम का वीडियो संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर ली*क जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक हैं। सरकार इस पर सख्त कानून लाने जा रही है।
उन्होंने बताया कि संबंधित मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
करीब 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर ली*क के मामलों में कई कार्रवाई की गई हैं। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और छात्रों का साल खराब न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा कराई गई। 19 जुलाई को परिणाम भी जारी कर दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा जैसे प्रावधानों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी।
CBI जांच और प्रशासनिक फेरबदल
फिलहाल पूरे मामले की जांच CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच की गई है। अब तक 13 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया। 17 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति के आदेश जारी किए गए।
शिक्षा मंत्रालय में 1994 बैच के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। वे विनीत जोशी की जगह लेंगे। वहीं विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव बनाया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बनाया फास्ट ट्रैक कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' और इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। इससे जुड़े सभी मामलों को अब इसी अदालत में ट्रांसफर किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की प्रभारी जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला कर उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त किया है।
क्या है पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट
यह देश का पहला केंद्रीय एंटी-पेपर ली*क कानून है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू किया गया।
इस कानून का उद्देश्य प्रवेश परीक्षाओं में पेपर ली-क, नकल और परीक्षा से जुड़े घोटालों पर रोक लगाना है।
कानून के तहत पेपर ली-क करने वालों के लिए 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। यदि किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो 5 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी दोषी पाई जाती है तो उस पर एक करोड़ रुपये तक जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत की वसूली और चार साल तक परीक्षा आयोजित करने पर रोक जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
इस कानून के तहत अपराध गैर-जमानती श्रेणी में आते हैं। मामलों का निपटारा समझौते से नहीं किया जा सकता और जांच DSP या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाती है।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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