गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को किया गया तलब , मामले में हुई पहली गिरफ्तारी....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में सोमवार को पहली गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने असम से रीतोम सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है| इस मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक ट्वीट (एक्स) में संबंधित जानकारी दी। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्यवाई करते हुए  तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को तलब किया गया है| 1 मई को पूछताछ के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया गया है|


यह भी पढ़े CG : हैवानियत की हदे पार मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग के साथ गैंगरेप , गर्भवती होने पर मामले का हुआ खुलासा ,आरोपी गिरफ्तार

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ बुलवाया है जिनका उनके द्वारा उपयोग किया जाता है|इसके बाद पुलिस ने फर्जी वीडियो साझा करने वाले पांच कांग्रेसियों को तलब किया। बता दे की दिल्ली पुलिस ने 28 मार्च को मामले में एफआईआर दर्ज की थी। आरक्षण रद्द करने पर गृह मंत्री अमित शाह की फर्जी विडियो के मामले में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं।

यह भी पढ़े - दुर्ग : चलती गाड़ी में बात करने के बहाने मोबाइल माँगा फिर कर दिया काण्ड , चोर को पड़ गया भारी , जानिये क्या है मामला ....

इसके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय इकाई ने शिकायत दर्ज कराई थी. दूसरी शिकायत गृह मंत्रालय द्वारा दर्ज की गई थी। इन दोनों शिकायतों के आधार पर आईएफएसओ पुलिस की साइबर विंग ने आईपीसी की धारा 153, 153ए, 465, 469, 171जी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज किया है|

 तदनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और मेटा से उन सभी अकाउंट्स का विवरण मांगा, जिन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो अपलोड या साझा किए थे। इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस के शीर्ष स्तर पर बैठक हुई|

यह भी पढ़े CG: लव मैरिज के एक साल बाद पति की मृत्यु , सास और ननद ने जीना किया हराम , आत्महत्या के लिए उकसाया जिसके बाद युवती ने कर लिया सुसाइड....

दिल्ली पुलिस में दर्ज एफआईआर में कहा गया है, “वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और ऐसा प्रतीत होता है कि यह सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने के उद्देश्य से भ्रामक जानकारी फैला रहा है। इसका शांति और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी मुद्दों पर प्रभाव पड़ सकता है। हम कानून के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगे। फर्जी वीडियो को झारखंड कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया था।

इसमें कहा गया, ''अमित शाह का चुनावी भाषण वायरल हो गया जिसमें उन्होंने घोषणा की कि बीजेपी सरकार दोबारा बनने पर ओबीसी और एससी/एसटी आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा.'' इसके बाद, भाजपा अध्यक्ष अमित मालवीय द्वार आरोप लगाया की कांग्रेस ने एक एडिटेड वीडियो प्रसारित किया जो पूरी तरह से फर्जी था। इससे बड़े पैमाने पर अशांति व हिंसा फैल सकती है| 

https:// भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे| 

https://chat.whatsapp.com/CqjtrxgJDib4N8UFB3AoIu