भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : ओला-उबर की सवारी अब जेब पर भारी पड़ेगी! केंद्र सरकार ने किराए को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर ऑफिस टाइम और बारिश जैसे हालातों में सफर करना अब दोगुना महंगा हो सकता है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने मंगलवार को मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस (MVAG) 2025 जारी की हैं। इसके तहत ओला, उबर, रैपिडो और इनड्राइव जैसी एप बेस्ड टैक्सी कंपनियां अब पीक ऑवर्स में बेस फेयर का दोगुना किराया वसूल सकेंगी।पहले यह सीमा 1.5 गुना थी। अब इसमें बढ़ोतरी कर दी गई है।
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🔹 जैसे: अगर भोपाल में बेस किराया 100 रुपए प्रति 5 किलोमीटर है, तो पीक टाइम में वही राइड अब 200 रुपए तक की हो सकती है।
पीक ऑवर्स क्या होते हैं?
जब ट्रैफिक ज्यादा होता है, जैसे सुबह 8-11 बजे और शाम 5-9 बजे, या बारिश, त्योहार और बड़े आयोजनों के दौरान जब कैब की डिमांड बढ़ती है – उस समय को पीक आवर्स माना जाता है।
🔹 जयपुर जैसे शहरों में मानसून के समय बारिश के चलते कैब की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में प्रति किलोमीटर 20 रुपए के हिसाब से 5 किलोमीटर की राइड 100 की बजाय 200 रुपए तक की हो सकती है।
नॉन-पीक टाइम में भी अब रेट फिक्स रहेंगे।
अब कैब कंपनियां नॉन-पीक टाइम में भी बेस फेयर का कम से कम 50% किराया वसूलेंगी। इसका फायदा ड्राइवरों की कमाई को होगा, लेकिन छोटे राइड लेने वाले यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।
🔹 उदाहरण: लखनऊ में 2 किलोमीटर की बाइक राइड के लिए 100 रुपए का बेस फेयर है। दोपहर 2 बजे की राइड के लिए अब 50 रुपए से कम नहीं लिया जा सकेगा।
बेस फेयर क्या होता है?
बेस किराया वह न्यूनतम राशि होती है जो एक तय दूरी या समय के लिए ली जाती है। इसे राज्य सरकारें तय करती हैं। शहर, वाहन का प्रकार और स्थानीय परिस्थितियों पर इसका निर्धारण होता है।
अगर ड्राइवर बिना कारण राइड कैंसिल करता है तो उस पर लगेगा जुर्माना।
अब यदि ड्राइवर बिना उचित कारण के राइड कैंसिल करता है, तो बेस किराए का 10% (अधिकतम 100 रुपए तक) जुर्माना देना होगा।
🔹 इंदौर में यदि किसी कैब का बेस फेयर 200 रुपए है और ड्राइवर कैंसिल करता है, तो उस पर 20 रुपए का जुर्माना लगेगा।
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नई गाइडलाइंस सितंबर 2025 तक लागू होंगी।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को कहा है कि वे अगले 3 महीनों के भीतर इन नियमों को लागू करें। इससे कैब ऑपरेटर और यात्रियों दोनों के लिए सिस्टम पारदर्शी होगा।
एक और बड़ा बदलाव - ड्राइवरों के लिए अब 5 लाख तक का बीमा कवर अनिवार्य कर दिया गया है।
इससे आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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