पहली घटना भिलाई स्थित प्रथम बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर की है। यहां 20 वर्षीय आयुष झरिया ने अपने घर में फं-दा लगाकर जान दे दी। आयुष, असिस्टेंट कमांडेंट संतोष कुमार झरिया का बेटा था। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। पिता विधानसभा ड्यूटी में थे, जबकि मां और बहन गांव गई हुई थीं।
स्मृति नगर पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 अप्रैल की शाम करीब 7 से 10 बजे के बीच की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे कारण अभी साफ नहीं हो पाया है।
आयुष रुंगटा कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र था। देर रात जब पिता ड्यूटी से घर लौटे तो उन्होंने बेटे को फं-दे पर लटकते देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद 1 मई को शव को मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित गृहग्राम भेजा जाएगा, जहां अंतिम संस्कार होगा।
वहीं दूसरी घटना भिलाई-3 थाना क्षेत्र की है, जहां एक व्यक्ति ने आम के पेड़ पर फं-दा लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में भी अभी तक कारण सामने नहीं आया है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
तीसरी घटना जैन मंदिर के पास की बताई जा रही है। यहां 28 वर्षीय दीपक निर्मलकर ने अपने घर में फं-दा लगाकर सु-सा-इ-ड कर लिया। गुरुवार को उसकी लाश फंदे पर लटकती मिली, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई।
दीपक अपने पीछे बूढ़ी मां, छोटा भाई, पत्नी और महज 4 महीने का मासूम बेटा छोड़ गया है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तीनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और वजह जानने की कोशिश की जा रही है।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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