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जनगणना के नाम पर बड़ा जाल! ठग ऐसे कर रहे डेटा चो-री, जानिए कैसे बचें वरना खाली हो सकता है खाता

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : जनगणना के नाम पर अब ठगों ने नया जाल बिछा दिया है। सर्वे का बहाना बनाकर आपकी निजी जानकारी और मेहनत की कमाई पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में ज़रा सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान दे सकती है।

दरअसल, देश में समय-समय पर सरकार जनगणना कराती है ताकि आबादी के सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें। यह पूरी तरह आधिकारिक प्रक्रिया होती है, लेकिन अब इसी का फायदा उठाकर कुछ जालसाज सक्रिय हो गए हैं। ये लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर घर-घर पहुंच रहे हैं या फोन कॉल के जरिए लोगों को फंसा रहे हैं।

जनगणना के नाम पर ठगी और डेटा चो-री से बचाव को लेकर जागरूकता दर्शाती तस्वीर

ये ठग ऐसी जानकारी मांगते हैं जिसका जनगणना से कोई संबंध नहीं होता। कई बार लोग भरोसा करके अपनी संवेदनशील जानकारी दे देते हैं और बाद में फाइनेंशियल ठगी का शिकार हो जाते हैं।

अगर कोई व्यक्ति खुद को जनगणना अधिकारी बताकर आपसे बैंक डिटेल, ओटीपी या निजी डेटा मांगता है, तो समझ जाइए यह जनगणना स्कैम है। इसके लिए ठ*ग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

कुछ लोग घर आकर सर्वे के नाम पर जानकारी मांगते हैं। वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ बात करते हैं ताकि शक न हो। वहीं कई बार फोन या मैसेज के जरिए ‘जनगणना अपडेट’ के नाम पर ओटीपी मांगा जाता है। जैसे ही आप ओटीपी साझा करते हैं, खाते से पैसे गायब हो सकते हैं।

इसके अलावा फर्जी ऐप और वेबसाइट के जरिए भी जाल बिछाया जा रहा है। लोगों को लिंक भेजकर ऐप डाउनलोड करवाया जाता है, जिससे फोन हैक होने का खतरा रहता है। सोशल मीडिया पर भी इनाम या जरूरी अपडेट का लालच देकर डेटा चो-री की जा रही है।

ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। असली जनगणना अधिकारी के पास सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र होता है, जिसमें मुहर और हस्ताक्षर होते हैं। आमतौर पर वे टीम में आते हैं और उनके पास सरकारी फॉर्म या डिवाइस भी होती है।

यदि कोई अकेला व्यक्ति संदिग्ध तरीके से जानकारी मांग रहा है, तो तुरंत सावधान हो जाएं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय वार्ड सदस्य या पुलिस स्टेशन से पुष्टि की जा सकती है कि आपके क्षेत्र में सर्वे चल रहा है या नहीं।

ध्यान रखें कि जनगणना के दौरान केवल सामान्य जानकारी ही पूछी जाती है, जैसे परिवार के सदस्यों के नाम, उम्र, शिक्षा, रोजगार, घर की सुविधाएं, धर्म और भाषा।

कोई भी अधिकारी आपसे कभी ओटीपी, बैंक अकाउंट नंबर, कार्ड डिटेल या यूपीआई पिन नहीं मांगेगा। साथ ही किसी को भी अपना अंगूठा या आंख की स्कैनिंग करने की अनुमति न दें।

सुरक्षा के लिए यह भी जरूरी है कि अगर आप घर पर अकेले हैं तो किसी अनजान व्यक्ति को अंदर न आने दें। किसी के कहने पर मोबाइल में ऐप इंस्टॉल न करें और संदिग्ध लिंक से दूर रहें।

अगर कोई फोन पर जनगणना वेरिफिकेशन के नाम पर दबाव बनाए, तो तुरंत कॉल काट दें और संबंधित विभाग में शिकायत करें।

👉 जागरूक रहें, सुरक्षित रहें। इस खबर को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक जरूर पहुंचाएं ताकि कोई भी इस तरह के जाल में न फंसे।

                                             
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