सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजुर की अदालत ने आरोपी को ह'त्या और सबूत मिटाने का दोषी माना। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने मुकेश उर्फ राजू पर टंगिया और त्रिशूल से हमला किया था और बाद में शव को जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की।
यह मामला 30 जुलाई 2023 का है। दोपहर करीब 3:30 बजे रामनारायण मिश्रा अपने साथी कृष्णा साहू के साथ रसमड़ा स्थित मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। जब दोनों सतबहनिया मंदिर की तरफ गए तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गए।
मंदिर के मंच पर एक व्यक्ति जलती हालत में पड़ा था। उसके सिर के पास त्रिशूल रखा था और आसपास खून फैला हुआ था। शव का चेहरा बुरी तरह जल चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद तुरंत डायल-112 पर सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरुआती जांच में ही ह'त्या की आशंका जताई। शव को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत आग से नहीं बल्कि धारदार हथियार से हुए हमले के कारण हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस का शक मंदिर के सेवादार रामचरण चन्द्राकर पर गया, क्योंकि घटना के बाद से वह फरार था। जांच में सामने आया कि 27 जुलाई 2023 को आरोपी और मृतक की पहचान साल्हेकसा में हुई थी।
घटना वाले दिन दोनों नशे की हालत में मंदिर परिसर में मौजूद थे। बताया गया कि राजू वहां मछली खा रहा था, इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने टं-गि-या और त्रिशूल से ता-ब-ड़-तो-ड़ ह-म-ला कर दिया।
वारदात के बाद आरोपी ने शव को ज-ला-क-र पहचान मिटाने की कोशिश की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टंगिया को मंदिर के पास झाड़ियों में छिपाकर रेलवे ट्रैक की ओर भाग गया था।
बताया गया कि वह कोयले से भरी मालगाड़ी में बैठकर मुढ़ीपार पहुंचा और वहां से लोकल ट्रेन पकड़कर रायपुर रेलवे स्टेशन चला गया। रायपुर में वह दिन में मजदूरी करता था और रात रेलवे स्टेशन पर बिताता था।
करीब पांच महीने बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी परिवार से मिलने शक्तिनगर आया है। इसके बाद पुलिस ने 8 जनवरी 2024 को ग्रीन चौक के पास उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, राख, टूटा त्रिशूल, खून लगे कपड़े, मोटरसाइकिल और आरोपी का फटा आधार कार्ड जब्त किया था। बाद में आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर ह'त्या में इस्तेमाल टंगिया भी बरामद की गई।
अदालत ने माना कि घटनास्थल से मिले सबूत, मेडिकल रिपोर्ट, आरोपी की फरारी और बरामद हथियार परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत कड़ी बनाते हैं, जिससे आरोपी का अपराध साबित होता है।
सजा के दौरान सरकारी पक्ष ने मृत्युदंड की मांग की थी। लोक अभियोजक एम.के. दिल्लीवार ने कहा कि आरोपी ने बेहद क्रूर तरीके से ह'त्या की और सबूत मिटाने का प्रयास किया। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी का यह पहला अपराध है और वह आदतन अपराधी नहीं है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि मामला गंभीर जरूर है, लेकिन इसे “विरल से विरलतम” श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए नरमी नहीं बरती जा सकती।
सत्र न्यायालय ने आरोपी रामचरण चन्द्राकर को धारा 302 IPC के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं धारा 201 IPC के तहत 5 साल सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सजा भी दी गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोर्ट ने आरोपी को सजा काटने के लिए केंद्रीय जेल दुर्ग भेजने का आदेश दिया है।
रसमड़ा का सतबहनिया मंदिर मामला उस समय जिले के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया था। मंदिर परिसर में अधजली ला'श मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। अब ढाई साल बाद कोर्ट के फैसले ने इस रहस्यमयी मामले पर कानूनी मुहर लगा दी
विज्ञापन
यह भी पढ़े : गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
यह भी पढ़े : अजब -गजब! शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से महिला की 10 साल की याददाश्त गायब, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
यह भी पढ़े :गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
यह भी पढ़े : ऑनलाइन लोन ऐप का जाल: 20 हजार की मजबूरी कैसे बनी 3 लाख का कर्ज और बर्बादी की कहानी
रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
यह भी पढ़े : अगर आप लोन ऐप के कर्ज में फंस
गए हैं तो क्या करें? जानिए 10 आसान तरीके
यह भी पढ़े : क्रेडिट कार्ड और EMI के जाल से कैसे बचें – पूरा गाइड
यह भी पढ़े :ऑनलाइन लोन ऐप से लोन लेने से पहले ये 7 बातें जरूर जान लें
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे
https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla



