नई व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे अधिक भुगतान करना होगा। वहीं कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि तय की गई है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हालांकि आयोग ने बिजली वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी नहीं दी। इसके बजाय औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को स्वीकृति दी गई है। हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh निर्धारित किया गया है।
आयोग के मुताबिक बिजली कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि मौजूदा दरों के अनुसार उसे प्रति यूनिट 6.71 रुपए की आय प्राप्त हो रही है। नई दरें पूरे प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला
घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
स्थानीय निकायों के कार्यालयों को गैर-घरेलू श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है।
आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा।
घरेलू उपयोग के अस्थायी कनेक्शनों पर दो वर्ष बाद सामान्य घरेलू टैरिफ लागू होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के छात्रावासों को भी घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है।
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को झटका
गैर-घरेलू बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत छूट की सुविधा जारी रहेगी।
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किसानों के लिए राहत और बढ़ी दरें
कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
गैर-सब्सिडी कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
खेतों में पंप कनेक्शन के साथ 100 वॉट तक लाइट और पंखे की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
लो-वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
अस्थायी कनेक्शनों पर सामान्य टैरिफ की तुलना में 1.5 गुना शुल्क देना होगा।
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू किया गया है।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग करने पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी।
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
महिला स्व-सहायता समूहों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट की सुविधा जारी रहेगी।
ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी 10 प्रतिशत छूट मिलती रहेगी।
पोहा और मुरमुरा मिलों के लिए ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी रखी गई है।
हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसले
हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए 6.42 रुपए प्रति kVAh टैरिफ तय किया गया है।
स्टोन माइंस को HV-3 औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया है।
आयरन वाशरी और बेनिफिसिएशन प्लांट को HV-4 श्रेणी में रखा गया है।
छोटे और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को पहले पांच वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट मिलती रहेगी।
सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए ट्रांसमिशन शुल्क संबंधी नई व्यवस्था लागू की गई है।
पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आधारित ऊर्जा परियोजनाओं पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज नहीं लगाया जाएगा।
उपभोक्ताओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट को 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
विलंबित भुगतान अधिभार अब 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की जगह 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन होगा।
प्रीपेड मीटर वाले एलवी उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दी गई है।
विभिन्न वोल्टेज स्तरों के लिए नया क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज भी निर्धारित किया गया है।
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