सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अन्य योजनाओं के तहत यह उपलब्धि हासिल हुई है। वर्ष 2025-26 में अकेले 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं।
सरकार गठन के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में गरीब परिवारों के लिए 18 लाख आवासों के निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसमें 2 लाख 46 हजार 215 अपूर्ण आवास, वर्ष 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची के 6 लाख 33 हजार 438 आवास, आवास प्लस सूची के 8 लाख 19 हजार 999 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण आवास न्याय योजना) के 47 हजार 090 आवास शामिल हैं।
इसके साथ ही वनांचल क्षेत्रों में पीएम जनमन योजना के तहत 33 हजार 601 आवास और पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष परियोजना के अंतर्गत 15 हजार अतिरिक्त आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है।
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आवास प्लस के तहत ऐसे गरीब परिवारों का सर्वे कराया है, जिनके मकान अभी भी कच्चे हैं। इन परिवारों के लिए भी आवास निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
आवास निर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार अब तक 26 हजार 908 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है। विभाग के मुताबिक पिछले वर्ष अप्रैल से अक्टूबर के बीच प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवास पूरे किए गए थे। वर्तमान में भी रोजाना 1600 से अधिक मकानों का निर्माण पूरा हो रहा है, जो देश में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उनके अनुसार यह केवल मकान निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।
इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को पूरा करने में मुख्यमंत्री के नेतृत्व और राज्य सरकार के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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