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मानसून ने बढ़ाई चिंता! छत्तीसगढ़-एमपी समेत 17 राज्यों में बारिश का इंतजार, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे गायब बादल, क्या इस बार पड़ेगा सूखे का असर?

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : देश में मानसून की एंट्री को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कई राज्यों में अब भी बारिश का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।

सैटेलाइट तस्वीरों और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के हालिया आंकड़ों ने भी स्थिति को साफ कर दिया है। देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां अचानक कमजोर पड़ गई हैं। सैटेलाइट इमेज में मानसूनी बादल लगभग गायब दिखाई दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में कमजोर पड़े मानसून के बीच साफ आसमान और बारिश का इंतजार करते लोग

आईएमडी के अनुसार सामान्य तौर पर मानसून आने के बाद शुरुआती 12 दिनों में औसतन 53.7 मिमी बारिश होती है। लेकिन इस बार अब तक केवल 19.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी 4 जून से 15 जून के बीच 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

मानसून दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रुक गई है।

मानसूनी गतिविधियों के कमजोर होने से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत 17 राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।

आईएमडी के रेनफॉल डिपार्चर मैप में मध्य, दक्षिणी और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पीले और लाल रंग में दिखाई दे रहे हैं, जो सूखे जैसे हालात की ओर संकेत कर रहे हैं।

15 जून को INSAT-3DS सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में भी यह स्थिति साफ नजर आई। आमतौर पर इस मौसम में बादलों से ढका रहने वाला भारत का बड़ा हिस्सा इस बार प्रायद्वीपीय और मध्य भारत में काफी साफ दिखाई दे रहा है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह स्थिति फिलहाल “मानसून का ठहराव” कहलाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण समुद्र की परिस्थितियां नहीं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल में हो रहे बदलाव हैं।

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इस समय ऊपरी स्तर पर बहने वाली ‘वेस्टरली जेट स्ट्रीम’ अपनी सामान्य स्थिति से काफी दक्षिण की ओर खिसक गई है। इससे मानसून के प्रमुख इंजन माने जाने वाले ‘ईस्टरली जेट’ के रास्ते में रुकावट पैदा हो रही है।

16 जून का मौसम

बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना है। बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

• असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

• राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

17 जून का मौसम

सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

• राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

• झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।

• तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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