विज्ञापन

शादी छह महीने बाद मायके गयी पत्नी 48 साल बाद लौटी पत्नी, बुजुर्ग पति की आंखों से छलके आंसू; हाथ में बने टैटू से पत्नी को पहचाना..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कभी-कभी जिंदगी ऐसी कहानी लिख देती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। बिहार के पटना जिले के बख्तियारपुर से सामने आई एक ऐसी ही भावुक कहानी ने पूरे इलाके को चर्चा में ला दिया है। यहां 48 साल पहले बिछड़ा एक परिवार आखिरकार फिर से एक हो गया।

यह कहानी बरियारपुर गांव के रहने वाले बुजुर्ग ललन मिश्रा और उनकी पत्नी निर्मला देवी की है। दोनों की शादी मार्च 1977 में हिंदू रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से हुई थी। शादी के शुरुआती छह महीने खुशियों में बीते, लेकिन इसके बाद हालात बदल गए।

48 साल बाद पत्नी की घर वापसी से भावुक हुआ परिवार

घरेलू अनबन और पारिवारिक गलतफहमियों के कारण निर्मला देवी अपने पति से नाराज होकर दरभंगा स्थित मायके चली गईं। निर्मला देवी के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ससुराल के कुछ लोगों ने उन्हें भड़का दिया था, जिसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया।

मायके जाने के बाद दोनों के बीच दूरियां लगातार बढ़ती चली गईं। दिन, महीने और साल गुजरते गए और देखते ही देखते 48 साल का लंबा समय बीत गया, लेकिन निर्मला देवी कभी वापस नहीं लौटीं।

निर्मला देवी ने बताया, "नागपुर में थे। मां-बाप के बाद नागपुर चले गए थे। अब मैं यहां रहूंगी या जाऊंगी, यह मेरे पति पर है।"

इधर, इतने लंबे इंतजार के बाद जब निर्मला देवी अचानक अपने पति ललन मिश्रा के सामने पहुंचीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जीवन के इस अंतिम पड़ाव पर अपनी जीवनसंगिनी को सामने देखकर बुजुर्ग पति भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

विज्ञापन

बताया जाता है कि पत्नी के जाने के बाद ललन मिश्रा ने उन्हें तलाशने के लिए आसपास के कई गांवों में खोजबीन की। इस दौरान उन्होंने अपनी नौकरी तक दांव पर लगा दी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

घर छोड़ने के बाद निर्मला देवी के पिता ने उनकी नौकरी नागपुर के एक सरकारी स्कूल में लगवा दी थी। इसके बाद वह वहीं रहने लगीं और अपने दम पर जुड़वा बेटों की परवरिश की।

आज उनका एक बेटा पुणे में इंजीनियर के रूप में काम कर रहा है, जबकि दूसरा बेटा अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है।

दशकों बाद जब निर्मला देवी वापस बरियारपुर पहुंचीं तो सबसे पहले बख्तियारपुर थाने गईं और पुलिस से अपने पति ललन मिश्रा के बारे में जानकारी ली। इसके बाद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में वह अपने ससुराल पहुंचीं।

करीब 48 साल बाद अचानक घर पहुंची बुजुर्ग महिला को देखकर परिवार के लोग असमंजस में पड़ गए। तभी निर्मला देवी ने अपने हाथ पर बना पुराना गोदना दिखाया। इस निशान को देखते ही ललन मिश्रा ने उन्हें तुरंत पहचान लिया।

ललन मिश्रा ने कहा, "अपने मन से घर से चली गई थी। 48 साल बाद वापस आई है। मायके में रह रही थी। दरभंगा जिले के मिर्जापुर में मायके है। मेरे दो बच्चे हैं।"

पत्नी की पहचान होते ही घर का माहौल खुशी से भर गया। परिवार के सदस्य भावुक होकर उनसे गले मिले। करीब पांच दशक बाद हुए इस पुनर्मिलन ने पूरे गांव को भावुक कर दिया है और हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।

जीवन के इस आखिरी पड़ाव पर ललन मिश्रा का वर्षों पुराना अकेलापन अब दूर हो गया है। यह कहानी रिश्तों, उम्मीद और लंबे इंतजार की एक अनोखी मिसाल बन गई है।

यह भी पढ़े : गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!


यह भी पढ़े : अजब -गजब! शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से महिला की 10 साल की याददाश्त गायब, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

यह भी पढ़े :गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!


यह भी पढ़े : अगर आप लोन ऐप के कर्ज में फंस गए हैं तो क्या करें? जानिए 10 आसान तरीके

यह भी पढ़े : क्रेडिट कार्ड और EMI के जाल से कैसे बचें पूरा गाइड

यह भी पढ़े :ऑनलाइन लोन ऐप से लोन लेने से पहले ये 7 बातें जरूर जान लें


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla