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देश में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा! 4 मौ-त के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानिए बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन लगने वाले वायरल खबरों का सच?

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : देश में फिर बढ़े COVID-19 के मामले, आंध्र प्रदेश में 4 मरीजों की मौ-त के बाद बढ़ी चिंता, जानिए लॉकडाउन की खबर का पूरा सच

एक बार फिर देश में COVID-19 के कुछ नए मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आंध्र प्रदेश में संक्रमित 4 मरीजों की मौ-त की खबर के बाद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन और स्कूल-कॉलेज बंद होने जैसी बातें तेजी से फैल रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मौजूदा स्थिति क्या है और इन खबरों में कितनी सच्चाई है।

फिर बढ़े कोरोना के मामले, आंध्र प्रदेश में 4 मरीजों की मौ*त, लॉकडाउन की खबर का सच | COVID-19 Latest News

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी ने अपने चरम पर पूरी दुनिया को प्रभावित किया था। 11 मार्च 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया था। इसके बाद कई देशों में लॉकडाउन, यात्रा पर रोक और स्कूल बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए गए। महामारी का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ा। बाद में दुनिया भर में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया और मई 2023 में WHO ने COVID-19 को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की श्रेणी से हटा दिया। अब यह बीमारी एंडेमिक चरण में है, यानी मौसमी फ्लू की तरह समय-समय पर इसके मामले सामने आते रह सकते हैं।

हालांकि, अब भारत के कुछ हिस्सों में फिर से COVID-19 के मामलों में स्थानीय स्तर पर बढ़ोतरी देखी जा रही है। नए वेरिएंट और अलग-अलग राज्यों से सामने आ रहे मामलों के कारण लोगों की चिंता बढ़ी है। फिलहाल देश में किसी बड़ी राष्ट्रीय लहर जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र (मुंबई) और उत्तर प्रदेश (वाराणसी) सहित कुछ जगहों पर नए मामले दर्ज किए गए हैं।

आंध्र प्रदेश में 4 मरीजों की मौ-त के बाद बढ़ी चिंता

आंध्र प्रदेश में COVID-19 से संक्रमित 4 मरीजों की मौत के बाद लोगों में डर का माहौल बना है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जिन मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे अनियंत्रित डायबिटीज, किडनी की बीमारी और लिवर संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य और स्वस्थ लोगों के लिए यह वायरस आमतौर पर हल्की बीमारी का कारण बनता है। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, COVID-19 अब एंडेमिक बीमारी बन चुका है और इसमें मौसमी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते रहेंगे।

देशभर में अब तक 339 मामले दर्ज

स्वास्थ्य विभाग और विजयवाड़ा जीजीएच अधीक्षक के अनुसार, 26 जून से 16 जुलाई के बीच आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस के 12 मामले सामने आए। इनमें 4 मरीजों की मौ*त हुई, जबकि सभी मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे।

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विभाग ने बताया कि इस दौरान जांचे गए 67 सैंपल में से 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं, पूरे देश में 1 जुलाई से अब तक COVID-19 के 339 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 115 मामले केरल से, 64 कर्नाटक से और 43 महाराष्ट्र से सामने आए हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में 39, अंडमान में 18, दिल्ली में 18, राजस्थान में 12 और अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में मिले संक्रमित मरीज अलग-अलग मंडलों से हैं और किसी एक क्लस्टर का हिस्सा नहीं हैं। नए वैरिएंट की जांच के लिए सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं। साथ ही डॉक्टरों, अस्पतालों और स्वास्थ्य स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है।

नए सब-वेरिएंट्स पर WHO की नजर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दुनिया की अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां इस समय ओमिक्रॉन के कुछ सब-वेरिएंट्स पर नजर बनाए हुए हैं, जिन्हें "वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग (VUM)" की श्रेणी में रखा गया है।

हाल के महीनों में ओमिक्रॉन परिवार का सिकाडा (BA.3.2) वेरिएंट अमेरिका और यूरोप समेत करीब 23 देशों में फैल चुका है। इसके स्पाइक प्रोटीन में कई बदलाव पाए गए हैं, जिससे यह तेजी से फैल सकता है और शरीर की मौजूदा रोग प्रतिरोधक क्षमता से बच सकता है। हालांकि अब तक यह पहले के वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर या जानलेवा साबित नहीं हुआ है।

WHO के मुताबिक, निंबस (NB.1.8.1) तेजी से फैलने वाला सब-वेरिएंट है। वहीं स्ट्रैटस (XFG) के साथ मिलकर यह दुनिया के कई देशों में मामलों में बढ़ोतरी की वजह बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि इनसे होने वाली बीमारी की गंभीरता सामान्य तौर पर हल्की ही रहती है।

COVID-19 के संभावित लक्षण

CDC के अनुसार, नए वेरिएंट्स के साथ लक्षण बदल सकते हैं और वैक्सीनेशन की स्थिति के अनुसार इनमें अंतर हो सकता है। संभावित लक्षण इस प्रकार हैं—

  • बुखार या ठंड लगना
  • खांसी
  • सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई
  • गले में खराश
  • नाक बंद होना या नाक बहना
  • स्वाद या गंध महसूस न होना
  • थकान
  • मांसपेशियों या शरीर में दर्द
  • सिरदर्द
  • जी मिचलाना या उल्टी
  • दस्त

डॉक्टर से कब लें तुरंत मदद

यदि किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—

  • सांस लेने में परेशानी
  • सीने में लगातार दर्द या दबाव
  • अचानक भ्रम या उलझन की स्थिति
  • जागने या जागे रहने में कठिनाई
  • होंठ, नाखूनों के नीचे की त्वचा या शरीर की त्वचा का पीला, ग्रे या नीला दिखाई देना

क्या फिर लगेगा लॉकडाउन?

सोशल मीडिया पर नए लॉकडाउन या स्कूल-कॉलेज बंद होने की जो खबरें वायरल हो रही हैं, वे पूरी तरह फेक और बेबुनियाद हैं। फिलहाल अस्पतालों पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं है और न ही ऑक्सीजन या बेड की कोई कमी बताई गई है।




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