भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : महाराष्ट्र के पुणे से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। स्कूल में एक 13 साल की बच्ची ने गुड टच-बैड टच के सत्र के दौरान अपनी टीचर को जो बताया, उसे सुनकर टीचर स्तब्ध रह गईं। बच्ची ने अपने पिता, चाचा और चचेरे भाई द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न का खुलासा किया।
यह भी पढ़े -भिलाई : रूममेट ने ही चुरा लिए दोस्त के रूपये , तनख्वाह से बचाकर रखे पैसों पर रूमपार्टनर की नीयत डोली...
इस सत्र के दौरान ही इस भयावह घटना का पता चला। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।यह घटना पुणे के हडपसर इलाके की है, जहां बच्ची को उसके पिता, चाचा और चचेरे भाई ने यौन शोषण का शिकार बनाया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि चचेरे भाई ने 2023 में बच्ची के साथ बलात्कार किया था और उसे धमकी दी थी कि वह किसी को इस बारे में न बताए।पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, चचेरे भाई के बाद जनवरी 2024 में उसके चाचा ने भी बच्ची का यौन शोषण किया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब बच्ची ने अपने चाचा का विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की, तो चाचा ने उसका मुंह बंद कर दिया और उसकी पिटाई की। बच्ची ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर हडपसर पुलिस ने आईपीसी की धारा 376, 376(i), 323, 506 और POCSO एक्ट की धारा 4, 6, 8, 12 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने 22 जून को एफआईआर दर्ज की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।इस केस के जांच अधिकारी, अशोक गांधले, ने बताया कि जब स्कूल में गुड टच-बैड टच का सत्र चल रहा था, बच्ची ने अपनी टीचर को इस बारे में बताया, और टीचर ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
मामला सामने आने के बाद, पॉक्सो एक्ट के तहत सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मामला दर्ज किया गया। फिलहाल बच्ची की मां गांव गई हुई है, उनके वापस आने के बाद पुलिस उनका भी बयान दर्ज करेगी।
सामाजिक दृष्टिकोण:
बच्चों की सुरक्षा: इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आवश्यक है कि बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में शिक्षा दी जाए, ताकि वे किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत का विरोध कर सकें और उसकी जानकारी दे सकें।
परिवार की भूमिका: परिवार, जो बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, उसी परिवार के सदस्य यदि ऐसे घृणित कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो यह समाज के नैतिक पतन का संकेत है।
कानूनी प्रावधान: भारत में POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences) जैसे सख्त कानून हैं, जिनके तहत बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न करने वालों को कठोर सजा दी जाती है। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर दंड आवश्यक हैं।
समाज व परिवार का दायित्व:
सजगता और जागरूकता: समाज को इस तरह के मामलों के प्रति सजग और जागरूक होना चाहिए। बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक सहायता: पीड़िता को उचित मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि वह इस आघात से उबर सके।
संवेदनशीलता: इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता और सहानुभूति का व्यवहार करना चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय और सहायता मिल सकेस्कूलों में 'गुड टच-बैड टच' (GOOD TOUCH BAD TOUCH )जैसे सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए|
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर
क्लिक कर join करे|
https://chat.whatsapp.com/E3wRU9CCyvFB5tbZKEAqQ7

