भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रोज खा रहे हैं ज़हर या पोषण?
शहर में हर गली-नुक्कड़ पर समोसे, भटूरे, केक और बिस्किट बिकते हैं – और इन सबका कॉमन इंग्रीडिएंट है मैदा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही मैदा लंबे समय तक खाने पर आपकी सेहत को धीरे-धीरे खोखला कर सकता है?
वहीं, दादी-नानी के दौर से चला आ रहा गेहूं का आटा, जो रोटी, पूड़ी और पराठे का हिस्सा रहा है – वो आज भी आपकी सेहत का असली रक्षक है।

क्या है मैदा और गेहूं के आटे में फर्क?
| पहलू | मैदा | गेहूं का आटा |
|---|---|---|
| मूल हिस्सा | सिर्फ एंडोस्पर्म से बनता है | पूरे गेहूं दाने से बनता है (चोकर समेत) |
| प्रोसेसिंग | बहुत ज्यादा प्रोसेस होता है | कम प्रोसेस होता है |
| रंग और बनावट | एकदम सफेद और महीन | थोड़ा भूरा और हल्का मोटा |
| फाइबर | बहुत कम होता है | पर्याप्त फाइबर होता है |
| न्यूट्रिएंट्स | प्रोसेसिंग में खत्म हो जाते हैं | आयरन, B-विटामिन्स, मैग्नीशियम से भरपूर |
| पाचन पर असर | ज़्यादा खाने से पाचन संबंधी समस्याएं | पाचन तंत्र के लिए सुरक्षित |
न्यूट्रिशनल तुलना – 100 ग्राम में क्या है?
| पोषक तत्व मैदा | गेहूं का आटा | |||
|---|---|---|---|---|
| प्रोटीन |
| 15.1g | ||
| फाइबर | 2.7g | 10.6g | ||
| कार्बोहाइड्रेट | 76.3g | 71.2g | ||
| पोटैशियम (K) | 107mg | 376mg | ||
| मैग्नीशियम (Mg) | 22mg | 136mg | ||
| कैल्शियम (Ca) | 15mg | 38mg | ||
| फॉस्फोरस (P) | 108mg | 352mg | ||
| जिंक (Zn) | 0.7mg | 3.24mg |
यह आंकड़े देखकर आप खुद समझ जाएंगे कि क्या ज़्यादा खाना है और क्या कम।
सेहत पर असर – कौन है जीत का हकदार?
गेहूं का आटा:
कब्ज से राहत
शुगर कंट्रोल में मदद
लंबे समय तक पेट भरा रखने वाला
विटामिन B, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत
मैदा:
पचने में भारी
शुगर और फैटी लिवर बढ़ाने वाला
ओवरईटिंग और मोटापे का कारण
डाइजेस्टिव सिस्टम को बिगाड़ सकता है
मैदे की पहचान कैसे करें?
रंग: सफेद या क्रीम
टेक्सचर: बहुत महीन और मुलायम
महक: कोई खास नहीं
आटा: हल्का भूरा और खुशबूदार
पानी में मिलाकर: मैदा चिपचिपा, आटा थोड़ा रुखा
बाजार से खरीदे आटे में अगर ये लक्षण दिखें, तो समझ लें कि उसमें मिलावट हो सकती है।
हेल्दी विकल्प क्या हैं?
अगर आप मैदे की जगह हेल्दी ऑप्शन चाहते हैं, तो ये कोशिश करें:
रागी: हड्डियों और एनीमिया के लिए फायदेमंद
जौ: डाइजेशन के लिए अच्छा
ज्वार: ग्लूटेन-फ्री
बाजरा: गट-फ्रेंडली
ओट्स आटा: हाई फाइबर
बादाम/नारियल आटा: लो-कार्ब और ग्लूटेन-फ्री
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क्या मैदा और आटे को मिक्स करना सही है?
1 भाग मैदा और 2-3 भाग आटे को मिलाकर इस्तेमाल करना बेहतर है। इससे स्वाद भी अच्छा रहता है और नुकसान थोड़ा कम।
कैसे करें सही स्टोरेज?
दोनों को एयरटाइट कंटेनर में रखें
सूखी जगह में स्टोर करें
आटे में तेजपत्ता या नीम का पत्ता डालें
हर रोज़ हम जो खाते हैं, वो ही हमारी सेहत तय करता है। सिर्फ स्वाद के लिए कुछ भी न खाएं। अपनी प्लेट में पोषण को जगह दें।
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