रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राज्यपाल रमेन डेका ने तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राष्ट्रगान के साथ देश को नमन किया।
वहीं, बिलासपुर जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। यह पहला मौका रहा जब CM साय ने बिलासपुर के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वे प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने यहां गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने वर्ष 2001 से 2003 तक लगातार बिलासपुर में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया था।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी आयोजन हुए। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बस्तर संभाग में और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरगुजा जिला मुख्यालय में तिरंगा फहराया। जांजगीर-चांपा में मंत्री ओपी चौधरी ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।
दुर्ग में साइंस कॉलेज से प्रभात रैली निकाली गई, जिसमें प्राचार्य, स्टाफ और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रंगीन गुब्बारे छोड़े गए, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया।
जगदलपुर के लाल बाग मैदान में डिप्टी सीएम अरुण साव ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली।
इस बार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक बनने जा रहा है। जिन गांवों में कभी डर और दहशत का माहौल था, वहां पहली बार 26 जनवरी को तिरंगा शान से फहराया गया। बीजापुर जिले के उल्लूर, चिलमसका, पेद्दाकोमरा, कोमागुड़ा (पीड़िया), बेलनार, ताड़पाल और कोडापाली गांवों में झंडावंदन किया गया।
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