यह मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर का है। यहां रहने वाले सूरज भास्कर (24) के बाएं पैर का पंजा कटे होने की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। शुरुआती तौर पर युवक ने मारपीट की कहानी बताई, जिसके आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस जांच आगे बढ़ी तो सूरज के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आया। बार-बार बयान बदलने से पुलिस को शक हुआ और गहराई से जांच की गई। कॉल डिटेल, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, प्रेमिका के बयान और युवक की निजी डायरी से पूरे मामले का चौंकाने वाला सच सामने आया।
पुलिस के अनुसार सूरज भास्कर डीफार्मा कर चुका है और नीट की तैयारी कर रहा था। वह 2026 में हर हाल में एमबीबीएस में दाखिला लेना चाहता था। दिव्यांग कोटे का लाभ पाने के लिए उसने खुद को दिव्यांग बनाने का फैसला किया और अपने बाएं पैर का पंजा काट लिया।
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि 18 जनवरी 2026 को सूचना मिली थी कि सूरज के साथ रात 12 बजे मारपीट हुई है। जब वह सुबह उठा तो उसका पैर का पंजा कटा हुआ था और केवल एड़ी बची थी। पुलिस ने उसकी तहरीर पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
जांच में सामने आया कि पंजा बहुत ही साफ-सुथरे तरीके से काटा गया था। हथियार से वार के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मशीन का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस को खेत में कुछ इंजेक्शन भी मिले, जो एनेस्थिसिया से जुड़े हो सकते हैं। सूरज डीफार्मा कर चुका है और इंजेक्शन लगाना जानता है।
पुलिस ने सीडीआर, बीटीएस और टावर डंप की भी जांच की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से साफ हुआ कि रात में सूरज के पास कोई नहीं आया था और मारपीट की घटना नहीं हुई थी। चिकित्सकीय परामर्श के बाद भी उसकी कहानी संदेह के घेरे में आई।
जांच में यह भी सामने आया कि सूरज की एक प्रेमिका है, जिससे वह शादी करना चाहता था। अक्टूबर में वह बीएचयू भी गया था, जहां दिव्यांगता से जुड़े दस्तावेज बनवाने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। निराश होकर लौटने के बाद उसने यह खतरनाक फैसला किया।
पुलिस को सूरज की एक निजी डायरी भी मिली है, जिसमें वह अपने हर काम को लक्ष्य बनाकर लिखता था। डायरी में उसने 2026 में एमबीबीएस में दाखिला लेने और शादी से जुड़ी बातें भी लिख रखी थीं। शादी के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी भरा हुआ मिला है।
सीओ सिटी ने बताया कि घटना के बाद सूरज को जिला अस्पताल ले जाया गया, फिर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इलाज के बाद परिजनों ने उसे जौनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका ऑपरेशन हुआ। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि अज्ञात के खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास की एफआईआर में अब अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी। पुलिस को गुमराह करने वाले सूरज भास्कर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।
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