बजट में घोषित योजनाएं राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती देंगी। खेती-किसानी से लेकर बुनियादी ढांचे तक कई क्षेत्रों को एक साथ साधने की कोशिश इस बजट में नजर आती है।
इन प्रावधानों में सबसे अहम माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा मानी जा रही है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए विकसित होने वाला यह कॉरिडोर खनिज आधारित उद्योगों को मजबूती देगा। इससे निवेश बढ़ेगा और छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
बजट में दुर्लभ खनिजों पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के खनन और मेटल उद्योग को मिलेगा। उत्पादन लागत घटेगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी बजट में बड़ा लक्ष्य रखा गया है। स्वयं सहायता समूहों की 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प लिया गया है। छत्तीसगढ़ में पहले से ही 3.37 लाख लखपति दीदी मौजूद हैं। इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को कौशल, आय और आत्मनिर्भरता का सहारा मिलेगा।
दूरदराज इलाकों में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में बेटियों को एस्ट्रोफिजिक्स, इंजीनियरिंग और मेडिसिन जैसे कठिन विषयों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी बजट में अहम फैसले लिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सहित 8 राज्यों में जनजातीय स्वास्थ्य वेधशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर निगरानी हो सकेगी।
पीवीटीजी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि दी गई है। बस्तर और सरगुजा जैसे इलाकों में बस्तियों को जोड़ने का काम तेज होगा। इसके साथ ही जनजातीय स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के लिए वार्षिक खेल हब विकसित किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8 लाख से अधिक पक्के घरों के निर्माण के लिए केंद्रीय सहायता का हिस्सा बढ़ाया गया है। इससे गरीब परिवारों को आवास मिलने की प्रक्रिया और तेज होगी।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम को लेकर भी राहत दी गई है। ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज को आयकर से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। टीडीएस खत्म होने से दुर्घटना पीड़ितों को क्लेम की राशि सीधे मिल सकेगी।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम अगले वित्तीय वर्ष में और तेज होगा। इससे यात्री सुविधाएं और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
किसानों के लिए ‘भारत-विस्तार’ नाम से बहुभाषी एआई टूल लॉन्च किया गया है, जो छत्तीसगढ़ी सहित स्थानीय भाषाओं में कृषि सलाह देगा। इससे किसानों को तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य सस्ती बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाओं का निर्माण है, जिससे कैंसर और डायबिटीज जैसे रोगों का इलाज छत्तीसगढ़ में अधिक सुलभ हो सकेगा।
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