विज्ञापन

छत्तीसगढ़ बजट सत्र में आ सकता है धर्मांतरण संशोधन विधेयक! 60 दिन पहले देनी होगी सूचना, 9 राज्यों की स्टडी से तैयार ड्राफ्ट..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ की सियासत में बजट सत्र से पहले हलचल तेज हो गई है। संकेत मिल रहे हैं कि इस बार सदन में धर्मांतरण संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है।

रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 24 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश होना है और इसकी तैयारियां जारी हैं। धर्मांतरण से जुड़े विधेयक पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। संभव है कि इसे इसी सत्र में लाया जाए।

Chhattisgarh Dharmantaran Sanshodhan Vidheyak 2026

उन्होंने स्पष्ट किया कि विधेयक को लेकर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और समय आने पर निर्णय लिया जाएगा।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रदर्शन पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। इसे उन्होंने “शर्टलेस नहीं, सेमलेस प्रदर्शन” बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

SIR के अंतिम प्रकाशन पर उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में समय-समय पर पाई जाने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक थी। उनका कहना है कि जो नाम संबंधित स्थान पर नहीं रह रहे हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए ताकि सूची शुद्ध और पारदर्शी बने।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा। कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए गए हैं और 12 से ज्यादा विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। इनमें धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी शामिल हो सकता है।

राजनीतिक हलचल के बीच दोनों प्रमुख दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने 23 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जबकि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत उसी दिन राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक करेंगे।

धर्मांतरण संशोधन विधेयक के मसौदे को लेकर कमेटी के सदस्यों का कहना है कि विवाद न बढ़े, इसलिए गृहमंत्री के नेतृत्व में नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट के अनुसार किसी भी व्यक्ति को एक धर्म से दूसरे धर्म में जाने से 60 दिन पहले सूचना देनी होगी।

प्रस्तावित नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया और कानून का पालन करने के बाद ही धर्म परिवर्तन मान्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने पर कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। बताया गया है कि ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 52 बैठकों में चर्चा की गई।

छत्तीसगढ़ के बस्तर, जशपुर और रायगढ़ क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही है। कई बार आदिवासी समुदायों के बीच गंभीर मतभेद की स्थिति भी बनी।

वर्तमान में राज्य में धर्मांतरण प्रक्रिया को स्पष्ट वैधानिक मान्यता देने वाला कोई ठोस नियम नहीं है। यदि प्रस्तावित नियम के बाहर जाकर धर्म परिवर्तन किया जाता है, तो उसे वैध नहीं माना जाएगा।

गृह विभाग अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ में भी एक स्पष्ट और मजबूत नियम बनाया जा सके।

राज्य में लगभग 727 चर्च हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर इनकी संख्या 900 के पार बताई जाती है। विश्रामपुर का “सिटी ऑफ रेस्ट” चर्च 1868 में बनाया गया था। वहीं जशपुर के कुनकुरी में 1979 में स्थापित एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोमन कैथोलिक कैथेड्रल चर्च स्थित है, जहां विभिन्न राज्यों से लोग प्रार्थना के लिए पहुंचते हैं।

बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लेकर सदन में चर्चा होने की संभावना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। आगे क्या फैसला होगा, इस पर सभी की नजर टिकी है।

धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया, सजा और जुर्माना

60 दिन पहले सूचना अनिवार्य
धर्म परिवर्तन से पहले 60 दिन पहले फॉर्म भरकर जिला प्रशासन को देना होगा।
प्रशासन पुलिस को देगा सूचना, कारणों की होगी जांच।

फॉर्म न भरने पर धर्मांतरण अमान्य
धर्म परिवर्तन के बाद भी 60 दिन के भीतर डिक्लेरेशन अनिवार्य।
खुद जिला प्रशासन के सामने पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

धोखे या लालच से धर्म परिवर्तन अवैध
लालच, दबाव, विवाह या धोखाधड़ी से हुआ धर्मांतरण अवैध माना जाएगा।
दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई।

शादी अमान्य मानी जाएगी
बिना अनुमति धर्म बदलकर की गई शादी कानून अमान्य होगी।

आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा
अनुसूचित जाति और जनजाति के धर्मांतरितों को आरक्षण और सरकारी लाभ नहीं।

परिजनों को आपत्ति का अधिकार
प्रशासन 30 दिन तक नोटिस बोर्ड पर डिक्लेरेशन चिपकाएगा।
परिजन आपत्ति दर्ज कर FIR कर सकते हैं, मामला गैर-जमानती।

धर्मांतरण पर सजा और जुर्माना
महिलाओं, नाबालिगों, SC/ST का अवैध धर्म परिवर्तन कराने पर 2-10 साल की जेल, ₹25,000 जुर्माना।
सामूहिक अवैध धर्मांतरण कराने पर 3-10 साल की जेल, ₹50,000 जुर्माना।
कोर्ट पीड़ित को ₹5 लाख तक का मुआवजा देने का आदेश दे सकता है।
धर्म परिवर्तन वैध है या नहीं, यह साबित करने की जिम्मेदारी धर्मांतरण कराने वाले व्यक्ति की होगी।

यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..

यह भी पढ़े -जरूरत की खबर: छोटे बच्चों को चाय-कॉफी देना बन सकता है खतरा, फोकस और ब्रेन डेवलपमेंट पर पड़ता है सीधा असर..

यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.

यह भी पढ़े - दुर्ग के होटल में शारीरिक संबंध से इंकार पर गर्लफ्रेंड की हत्या! बाइक पर लाश बीच में बिठाकर रायपुर लाए आरोपी, रायपुर युवती हत्याकांड में बड़ा खुलासा ,यूपी से गिरफ्तार..

यह भी पढ़े -जीभ के स्वाद की चुकाई भारी कीमत! फास्टफूड के पत्ता गोभी से गया कीड़ा, दिमाग में बनी गांठें और चली गई युवती की जान..

यह भी पढ़े  -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/IpwXxsrsm4JK3nX8WVmi1J