जानकारी के मुताबिक, कुम्हारी स्थित छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड से इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध “पार्ट-बी” शराब को सीधे कुछ चुनिंदा सरकारी दुकानों तक पहुंचाने में किया जा रहा था।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच के दौरान डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से यह साफ हुआ है कि डिस्टिलरी संचालक अपने भरोसेमंद लोगों के जरिए छोटे ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ तय वाहनों का बार-बार उपयोग कर अवैध सप्लाई को अंजाम दिया जा रहा था।
EOW की यह कार्रवाई शराब घोटाला मामले के तहत की गई है, जिसमें पहले भी कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। इससे पहले वेलकम डिस्टलरी कोटा (बिलासपुर) और भाटिया वाइंस डिस्टलरी सरगांव (मुंगेली) से कुल 16 वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध शराब की सप्लाई सीधे कुछ चुनिंदा सरकारी देशी शराब दुकानों तक की जा रही थी। गवाहों के बयान और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह भी पता चला है कि जब्त किए गए 3 वाहनों के अलावा अन्य गाड़ियां भी इस नेटवर्क में शामिल थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वाहनों को स्क्रैप कर दिया गया है या उनका इस्तेमाल अब दूसरे कामों में किया जा रहा है। ऐसे वाहनों और उनके मालिकों की जानकारी जुटाने के लिए अलग से जांच जारी है।
EOW अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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