पिछले एक महीने में ही रायपुर में 6 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें रिंग रोड-2 पर चलती टाटा एस, कलेक्ट्रेट के पास खड़ी कार, खमतराई में स्कॉर्पियो और अवंति विहार की घटनाएं शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी मामलों में लोग समय रहते बाहर निकल गए और कोई जनहा-नि नहीं हुई, लेकिन गाड़ियां पूरी तरह ज-लकर खाक हो गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण लापरवाही और समय पर मेंटेनेंस का अभाव है। अगर वाहन की नियमित सर्विसिंग कराई जाए और छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।
कैपिटल मोटर संचालक दीपक चावला के अनुसार, अधिक तापमान के कारण इंजन और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। फ्यूल जल्दी वाष्पित हो जाता है और इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।
पुराने वाहनों को लेकर भी नियम सख्त हैं। 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियां कुछ क्षेत्रों में प्रतिबंधित हैं। वहीं 20 साल पुरानी निजी और 15 साल पुरानी कमर्शियल गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी होता है, वरना उन्हें स्क्रैप किया जा सकता है।
जहां तक CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात है, अगर उनकी किट सही तरीके से नहीं लगी हो या समय पर सर्विसिंग न हो तो खतरा बढ़ सकता है। लेकिन ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से नियमित देखभाल करने पर जोखिम काफी कम हो जाता है।
कार में आग लगने के कारण
-
इलेक्ट्रिकल फॉल्ट
– वायरिंग में शॉर्ट सर्किट
– ढीले या टूटे तार
– आफ्टर मार्केट फिटिंग की गलत वायरिंग -
फ्यूल लीकेज (पेट्रोल/डीजल/CNG)
– ईंधन टैंक या पाइप से रिसाव
– स्पार्क प्लग के पास फ्यूल का आना -
इंजन ओवरहीटिंग
– कूलिंग सिस्टम का फेल होना
– इंजन का ज्यादा गर्म होना -
CNG/LPG किट में खराबी
– लीकेज या वाल्व की गड़बड़ी
– घटिया क्वालिटी या गलत इंस्टॉलेशन -
मेंटेनेंस की कमी
– समय पर सर्विसिंग न कराना
– पुराने या डैमेज पार्ट्स का इस्तेमाल -
एक्सीडेंट के बाद चिंगारी
– टक्कर के बाद स्पार्क या ईंधन लाइन कटना
– गर्म हिस्सों का फ्यूल के संपर्क में आना -
कार में ज्वलनशील सामान रखना
– परफ्यूम, डियो, लाइटर
– सैनिटाइजर, पावर बैंक
कार में आग लगने से बचाव के उपाय
-
नियमित सर्विसिंग कराएं
– गर्मी शुरू होने से पहले पूरी जांच
– कूलिंग सिस्टम, वायरिंग और फ्यूल लाइन चेक करें -
इंजन ऑयल और कूलेंट चेक करें
– दोनों का सही स्तर होना जरूरी
– इंजन को ठंडा रखने में मदद -
ज्वलनशील वस्तुएं कार में न रखें
– परफ्यूम, सैनिटाइजर, लाइटर जैसी चीजें न छोड़ें -
इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराएं
– पुरानी गाड़ियों में वायरिंग का खास ध्यान रखें -
CNG/LPG किट की नियमित जांच
– समय-समय पर सर्विसिंग जरूरी
– ऑथराइज्ड सेंटर से ही जांच कराएं -
फायर एक्सटिंग्विशर रखें
– हर कार में छोटा फायर एक्सटिंग्विशर होना चाहिए
– आपात स्थिति में काम आता है -
कार को धूप में पार्क करने से बचें
– संभव हो तो छांव में पार्क करें
– इससे कार का तापमान कम रहेगा
विज्ञापन
आग लगने पर क्या करें?
- अगर कभी आपकी कार में आग लग जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत ये कदम उठाएं।
- तुरंत कार रोकें और इंजन बंद करें।
- सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकालें।
- सुरक्षित दूरी बनाएं और फायर ब्रिगेड को कॉल करें।
- कभी भी खुद से बड़ी आग बुझाने की कोशिश न करें, यह जानलेवा हो सकता है।
- अगर संभव हो और आग छोटी हो, तो फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करें।
यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..
यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.
यह भी पढ़े -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे

.jpg)

