विज्ञापन

बाल और पंखों के कचरे से बना ‘स्मार्ट बैंडेज’! घाव भरने में 3 गुना तेजी, डायबिटीज मरीजों के लिए उम्मीद..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग,राजनांदगांव से स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। यहां बायो वेस्ट से तैयार एक ‘स्मार्ट बैंडेज’ ने नया इनोवेशन पेश किया है, जो घाव भरने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केशव राम आदिल और उनकी टीम ने इंसानों के बाल और मुर्गी के पंखों के कचरे से इस खास बैंडेज को तैयार किया है। बताया जा रहा है कि यह बैंडेज सामान्य बैंडेज के मुकाबले घाव को भरने में लगभग तीन गुना अधिक असरकारी हो सकता है।

बायो वेस्ट से तैयार स्मार्ट बैंडेज, घाव भरने में नई तकनीक

इस प्रोजेक्ट पर करीब दो साल तक रिसर्च की गई। ANRF नई दिल्ली के सहयोग से तैयार इस स्मार्ट बैंडेज को पीएचडी स्कॉलर नितेश कुमार वर्मा और टीम ने मिलकर विकसित किया है। अभी इसके क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी चल रही है और शुरुआती परीक्षण जानवरों पर किए जाएंगे।

डॉ. आदिल के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के घाव जल्दी नहीं भरते, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस स्मार्ट बैंडेज का निर्माण किया गया है। इसमें कंडक्टिव नैनो फाइबर टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है, जिससे गंभीर घाव भी तेजी से भर सकते हैं।

 स्मार्ट बैंडेज – मुख्य बातें

  • राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज की टीम ने इसे तैयार किया।
  • असिस्टेंट प्रोफेसर केशव राम आदिल और टीम ने 2 साल रिसर्च की।
  • इंसानी बाल और मुर्गी के पंखों जैसे बायो वेस्ट मटेरियल का उपयोग किया गया।
  • बायो वेस्ट मटेरियल की क्लीनिंग के बाद केमिकल ट्रीटमेंट किया गया।
  • नैनो फाइबर टेक्नोलॉजी के जरिए कंडक्टिव नैनो फाइबर बैंडेज बनाया गया।
  • इस प्रक्रिया से सेल (कोशिकाएं) तेजी से ग्रो करेंगी, जिससे घाव जल्दी भरेगा।
  • डायबिटीज मरीजों को खासतौर पर राहत मिल सकती है।
  • इसके क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी शुरू की जा रही है।
  • ट्रायल सफल होने पर स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

इस बैंडेज को तैयार करने के लिए बाल और मुर्गी के पंखों जैसे बायो वेस्ट मटेरियल को केमिकल प्रोसेस के जरिए नैनो फाइबर में बदला गया है। यह तकनीक कोशिकाओं की ग्रोथ को तेज करने में मदद करती है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया में तेजी आती है।

साधारण भाषा में समझें तो यह स्मार्ट बैंडेज घाव को सामान्य बैंडेज की तुलना में तीन गुना तेजी से ठीक करने की क्षमता रखता है। खासतौर पर डायबिटीज मरीजों और ब्लड क्लॉटिंग जैसी समस्याओं में यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

 स्मार्ट बैंडेज की खासियत

  • इंसानी बाल और मुर्गी के पंखों के कचरे का उपयोग।
  • पर्यावरण सुधार में मदद, बायो वेस्ट का सही उपयोग।
  • मटेरियल नॉन-टॉक्सिक है, साइड इफेक्ट की संभावना कम।
  • सामान्य बैंडेज की तरह काम करता है, लेकिन घाव तेजी से भरता है।
  • क्लिनिकल ट्रायल के बाद इसकी कीमत लगभग 2-3 रुपये तक हो सकती है।

रिसर्च टीम का कहना है कि इस तकनीक के जरिए भविष्य में इंसानी नसों को जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए नैनो फाइबर तैयार करने में विशेष मशीन का उपयोग किया जाता है। इस रिसर्च को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका स्प्रिंगर नेचर में भी प्रकाशित किया जा चुका है।

अब सभी की नजर इसके क्लिनिकल ट्रायल और आगे के परिणामों पर टिकी हुई है। अगर आप ऐसी ही सकारात्मक और लोकल खबरों से जुड़े रहना चाहते हैं, तो हमारे साथ जुड़े रहें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

यह भी पढ़े : गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!


यह भी पढ़े : अजब -गजब! शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से महिला की 10 साल की याददाश्त गायब, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

यह भी पढ़े :गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!

यह भी पढ़े - दुर्ग के होटल में शारीरिक संबंध से इंकार पर गर्लफ्रेंड की हत्या! बाइक पर लाश बीच में बिठाकर रायपुर लाए आरोपी, रायपुर युवती हत्याकांड में बड़ा खुलासा ,यूपी से गिरफ्तार..

यह भी पढ़े -जीभ के स्वाद की चुकाई भारी कीमत! फास्टफूड के पत्ता गोभी से गया कीड़ा, दिमाग में बनी गांठें और चली गई युवती की जान..

यह भी पढ़े  -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla