1 जून को 1,310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया गया था। इसके बाद गुरुवार सुबह शुरू हुई मतगणना में कई जगह रोमांचक मुकाबले देखने को मिले और देर तक परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी रही
कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अध्यक्ष पद अपने नाम किया।
जांजगीर-चांपा जिले की नवगठित बामनीडीह नगर पंचायत में भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला। यहां पार्टी के रमेश डड़सेना अध्यक्ष चुने गए। साथ ही 15 में से 11 वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
विज्ञापन
सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा समर्थित रितेश जायसवाल अध्यक्ष निर्वाचित हुए। हालांकि वार्ड चुनावों में कांग्रेस ने 8 सीटें जीतकर कड़ी चुनौती पेश की।
राजनांदगांव जिले की नई नगर पंचायत घुमका में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने महज 85 वोटों के अंतर से अध्यक्ष पद जीता। हालांकि यहां 15 में से 11 वार्डों में भाजपा ने जीत हासिल कर बढ़त बनाई।
बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार अध्यक्ष चुने गए। यहां कांग्रेस ने 9 वार्डों में जीत दर्ज कर मजबूत प्रदर्शन किया।
नगर निगमों के उपचुनावों में कांग्रेस ने वापसी के संकेत भी दिए। बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड क्रमांक-1 से कांग्रेस के रामकृष्ण तिवारी विजयी रहे।
वहीं बिलासपुर नगर निगम के संजय गांधी नगर वार्ड क्रमांक-29 से कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा उम्मीदवार को हराकर सीट अपने नाम कर ली।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। नगरीय निकाय क्षेत्रों में लगभग 84.58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में 78 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। रिकॉर्ड मतदान ने स्थानीय चुनावी समीकरणों को नई दिशा दी है।
यह भी पढ़े : गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
यह भी पढ़े : अजब -गजब! शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से महिला की 10 साल की याददाश्त गायब, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
यह भी पढ़े :गर्मी में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा! जानिए कैसे हीट वेव बना रही दिल के लिए खतरा, बचाव के 6 जरूरी तरीके!
ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
यह भी पढ़े : ऑनलाइन लोन ऐप का जाल: 20 हजार की मजबूरी कैसे बनी 3 लाख का कर्ज और बर्बादी की कहानी
रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
यह भी पढ़े : अगर आप लोन ऐप के कर्ज में फंस
गए हैं तो क्या करें? जानिए 10 आसान तरीके
यह भी पढ़े : क्रेडिट कार्ड और EMI के जाल से कैसे बचें – पूरा गाइड
यह भी पढ़े :ऑनलाइन लोन ऐप से लोन लेने से पहले ये 7 बातें जरूर जान लें
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे
https://chat.whatsapp.com/JZB9JQxil72096VB79T4RL?mode=hqctcla

.jpg)


