इस कार्रवाई के साथ ही मामले में नामजद सभी 9 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार , कोरिया जिले के नौगईं गांव में 16 जून की देर रात आरोपियों ने फॉर्च्यूनर वाहन के आगे और पीछे हाईवा लगाकर रास्ता रोक दिया था। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
इस घटना में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं उनके चचेरे भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह ने बिलासपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीसरे घायल की अंबिकापुर में मौत हुई थी।
घटना के बाद पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया था। इनमें से चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
पुलिस दबाव के बीच आरोपियों ने किया सरेंडर
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। आरोपियों की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस टीमों को भी उनकी तस्वीरें भेजी गई थीं।
इसी बीच शनिवार को मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के साथ निशांत त्रिपाठी, अमन और आशुतोष त्रिपाठी ने थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
मनेंद्रगढ़ एसपी रत्ना सिंह ने बताया कि पुलिस के लगातार दबाव और छापेमारी के कारण आरोपियों ने सरेंडर किया है। मामले की आगे की विवेचना कोरिया पुलिस करेगी।
रेत खनन और वसूली को लेकर चल रहा था विवाद
बताया जा रहा है कि रेत के अवैध खनन और वसूली को लेकर लल्ला सिंह के परिवार और भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब आठ महीने पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर, तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा क्षेत्रों से निकलने वाली अवैध रेत से भी वसूली कर रहा था।
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ऑफिस से लौटते हुए राहुल ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला,
उसे वही पुरानी घुटन महसूस हुई—एक छोटा सा कमरा,
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रात के करीब 11:30 बजे थे।
बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। कमरे में सिर्फ एक ट्यूबलाइट..
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