भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर में पहली बार लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली, सीएम साय ने स्वतंत्रता दिवस पर की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा कर दी है।
घोषणा के बाद पुलिस महकमे में तेजी से इस पर काम शुरू हो गया है। रायपुर को इस प्रणाली के लिए पहले चरण में चुना गया है।

10 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में लागू होगी व्यवस्था
CM साय ने बताया कि कमिश्नर प्रणाली सबसे पहले रायपुर में लागू की जाएगी, जहां अपराध दर लगातार बढ़ रही है। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर इसे बिलासपुर, दुर्ग और अन्य बड़े जिलों में भी लागू किया जाएगा।
इस फैसले से पुलिस को अधिक अधिकार और निर्णय लेने की आज़ादी मिलेगी, जिससे अपराधों पर नियंत्रण जल्द और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
ADG/IG स्तर के अफसर को मिलेगी कमिश्नर की कमान, तैयार हुआ 62 अफसरों का सेटअप
कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत पुलिस आयुक्त ADG या IG रैंक के अधिकारी होंगे, जिनकी सहायता के लिए डीआईजी, एसपी, एएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए जाएंगे।
पूरा सेटअप कुछ इस प्रकार रहेगा:
पुलिस आयुक्त – 1 (ADG/IG रैंक)
असिस्टेंट पुलिस आयुक्त – 1 (DIG)
पुलिस उपायुक्त – 3 (SP)
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त – 5 (ASP)
सहायक पुलिस आयुक्त – 16–17 (DSP)
निरीक्षक – 10
SI-ASI-कॉन्स्टेबल – 25
अब पुलिस को मिलेंगे स्वतंत्र अधिकार, कलेक्टर की अनुमति की जरूरत नही
कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्रवाई के अधिकार मिलेंगे।अब अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, रासुका जैसी धाराएं पुलिस बिना कलेक्टर की अनुमति के लागू कर सकेगी| एसडीएम और एडीएम के पास जो कार्यकारी मजिस्ट्रेट शक्तियां होती थीं, वो भी अब पुलिस के पास होंगी।
कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी फैसले अब सीधे पुलिस स्तर पर
इस व्यवस्था के तहत पुलिस को होटल, बार, हथियार लाइसेंस जारी करने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने, जमीन विवाद सुलझाने और दंगों में बल प्रयोग जैसे मामलों में तत्काल निर्णय लेने की शक्ति होगी।
इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी कर सकेंगे, जैसा कि कलेक्टर करते थे।
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किस तरह काम करेगा नया सिस्टम?
रायपुर को कई जोन में बांटा जाएगा, हर जोन में एक DCP तैनात होगा जो SSP की तरह काम करेगा।इसके नीचे 2–4 थानों के लिए ACP (CO के समान) होंगे।कमिश्नर का मुख्यालय भी निर्धारित किया जाएगा, जहां से पूरे शहर की कमान संभाली जाएगी।
क्यों जरूरी पड़ी ये प्रणाली? रायपुर में बढ़ते अपराधों ने बढ़ाई चिंता
रायपुर में लगातार अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जनवरी 2025 से अब तक 6000 से ज्यादा केस दर्ज, 50 से अधिक मर्डर हो चुके हैं।
हैरानी की बात यह है कि इनमें 95% मामलों में आरोपी पहले से क्रिमिनल नहीं थे।
65 से ज्यादा चाकूबाजी की घटनाएं, नशे की बिक्री, लूट और मारपीट ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया था।
धार्मिक तनाव की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है।
स्थानीय लोगों में भी इन बढ़ते अपराधों को लेकर नाराज़गी है। कई लोगों ने प्रशासन से सख्त व्यवस्था और जवाबदेही की मांग की थी।
CM साय ने कहा — “पुलिस-व्यवस्था और मजबूत होगी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा,
“रायपुर में शीघ्र ही पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
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