शार्प दिमाग और स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट्स, जानें कौन-से फूड्स और कब लेना चाहिए सप्लीमेंट..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : आज की भागदौड़ और प्रदूषण भरी जिंदगी में सेहत को सुरक्षित रखना आसान नहीं है। खराब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस हमारी कोशिकाओं और इम्यून सिस्टम पर सीधा असर डालते हैं। ऐसे में एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर के लिए ढाल का काम करते हैं।

एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर हार्ट डिजीज, कैंसर और समय से पहले बुढ़ापे जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। विटामिन C, विटामिन E और बीटा-कैरोटीन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

Antioxidant Health Benefits – शार्प ब्रेन और स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी के लिए जरूरी फूड्स और सप्लीमेंट्स

एक्सपर्ट डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करके कोशिकाओं को हेल्दी रखते हैं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है, दिमाग शार्प रहता है और स्किन व आंखों की सेहत भी बनी रहती है।

एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर में क्या काम करते हैं?

  1. सेल्स को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।

  2. शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।

  3. ब्लड वेसल्स को प्रोटेक्ट कर हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करते हैं।

  4. एजिंग प्रोसेस को स्लो कर आंखों को हेल्दी रखते हैं।

  5. मेमोरी और कॉग्निटिव फंक्शन को सपोर्ट करते हैं।

  6. शरीर में होने वाली इंफ्लेमेशन को कम करते हैं।

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कैसे होता है?
सूरज की तेज धूप, प्रदूषण, स्मोकिंग, जंक फूड और तनाव से शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ जाती है। जब शरीर इन्हें कंट्रोल नहीं कर पाता तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है, जिससे गठिया, हाई ब्लड प्रेशर, अल्जाइमर और किडनी डिजीज तक का खतरा बढ़ सकता है।

कहां से मिलते हैं एंटीऑक्सिडेंट्स?
नेचुरल सोर्स – रंग-बिरंगे फल, सब्जियां, नट्स, बीज, ग्रीन टी और डार्क चॉकलेट।
सप्लीमेंट्स – विटामिन C, विटामिन E, बीटा-कैरोटीन और सेलेनियम कैप्सूल/पाउडर। हालांकि डॉक्टर की सलाह के बिना इन्हें लेना नुकसानदेह हो सकता है।

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किन फूड्स से बचें?
रिफाइंड शुगर, मैदे से बने फास्ट फूड, डीप-फ्राइड स्नैक्स, सोडा-ड्रिंक्स और पैकेज्ड फूड्स में एंटीऑक्सिडेंट नहीं होते।

किन्हें सप्लीमेंट की जरूरत होती है?
– बार-बार इन्फेक्शन होने पर
– लंबे इलाज के दौरान
– प्रदूषण और स्ट्रेस भरे माहौल में रहने पर
– अनहेल्दी खानपान की आदतों में
– बुजुर्गावस्था में

याद रखिए, संतुलित डाइट ही असली दवा है। ज्यादा सप्लीमेंट्स लेने से शरीर का नैचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है। इसलिए हेल्दी और रंग-बिरंगे फूड्स को अपनी थाली में शामिल करें।

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