हर ग्राहक को बिना मोबाइल नंबर दिए बिल लेने का हक है! आपका मोबाइल नंबर, आपका हक! जानिए प्राइवेसी का अधिकार?कब देना जरूरी है और कब नहीं?


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :ग्राहक से मोबाइल नंबर मांगना दुकानदार की ज़िद नहीं, उपभोक्ता का अधिकार है ज़रूरी!

"सर, बिल के लिए मोबाइल नंबर देना पड़ेगा!"
शायद आपने ये लाइन हर बड़े स्टोर, मॉल या कपड़ों की दुकान पर सुनी होगी। लेकिन क्या वाकई में बिल बनवाने के लिए नंबर देना जरूरी है? नहीं, बिल्कुल नहीं।

हर ग्राहक को बिना मोबाइल नंबर दिए भी बिल लेने का पूरा हक है। यह कानून में साफ-साफ लिखा है। फिर भी, दुकानदार अपनी मार्केटिंग या डाटाबेस के लिए जबरदस्ती नंबर लेते हैं।

दुकानदार मोबाइल नंबर मांग रहा है? ग्राहक के प्राइवेसी अधिकार पर पूरी जानकारी – हिंदी में

जब दुकानदार नंबर देने की ज़िद करे, तो क्या करें?

  1. विनम्रता से कहें कि नंबर देना अनिवार्य नहीं है।

  2. बिल देने की कानूनी बाध्यता दुकानदार को याद दिलाएं।

  3. अगर वह अब भी ज़िद करे तो

    • नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 या

    • 1915 पर शिकायत करें।

  4. आप कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत मामला दर्ज करा सकते हैं।

 नोट: हमेशा खरीदारी का बिल या पेमेंट की रसीद सुरक्षित रखें।

विज्ञापन


यह भी पढ़े- इन 7 घरेलू उपायों से मच्छरों को कहें अलविदा, बिना धुएं और केमिकल के घर होगा सुरक्षित!

सिर्फ इन जगहों पर मोबाइल नंबर देना उचित है:

  1. होम डिलीवरी के लिए

  2. गारंटी या वारंटी रजिस्ट्रेशन में

  3. प्रोडक्ट रिकॉल या सर्विस अपडेट के लिए

  4. ऑनलाइन कार्ड पेमेंट कन्फर्मेशन के लिए

  5. कस्टमर सपोर्ट या रिपेयर सर्विस अपडेट के लिए

  6. लॉयल्टी प्रोग्राम (सिर्फ ग्राहक की मर्ज़ी से)

नोट: हर बार ग्राहक की सहमति ज़रूरी है।

विज्ञापन

 उपभोक्ता का है प्राइवेसी का अधिकार

  1. बिना अनुमति आपके डेटा का उपयोग नहीं हो सकता।

  2. शॉपिंग के समय नंबर या ईमेल देना अनिवार्य नहीं है।

  3. कंपनियां केवल खरीदारी से जुड़ी जानकारी ही मांग सकती हैं।

  4. आपका डेटा थर्ड पार्टी को बेचा नहीं जा सकता।

  5. अगर अधिकारों का उल्लंघन हो, तो आप कानूनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

  6. डाटा सुरक्षा कानून के तहत जुर्माना और सज़ा का प्रावधान है।

 आपके अधिकार की रक्षा के लिए दो बड़े कानून हैं:

  • कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019

  • डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023

अगर दुकानदार सहमति के बिना आपका डेटा स्टोर या शेयर करता है, तो वह कानूनन गलत है और उस पर कार्रवाई हो सकती है।

अपने अधिकारों को जानिए, जागरूक बनिए।

हर बार दुकानदार से साफ कहिए –
"मेरा नंबर मेरी मर्ज़ी है!"

ऐसी और ज़रूरी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।


यह भी पढ़े -स्मार्ट मीटर में भी चोरी! रायपुर-दुर्ग में एफआईआर, बेमेतरा में ढाई लाख का जुर्माना!

यह भी पढ़े -राशन कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कैसे करें? जानिए ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीका स्टेप-बाय-स्टेप

यह भी पढ़े - भैया को नींद इतनी प्यारी थी... कोबरा भी डिस्टर्ब नहीं कर पाया! पूरी रात कोबरा मच्छरदानी के भीतर युवक के साथ सोता रहा , सुबह देखा तो उड़ गए होश!

यह भी पढ़े - छग में दिल दहलाने वाली वारदात: बॉयफ्रेंड और दोस्तों ने शादीशुदा महिला से गैंगरेप कर गला घोंटा, बोरे में बंदकर फेंकी लाश, 24 दिन बाद नाले से कंकाल बरामद.

यह भी पढ़े -लोन न चुका पाए तो शर्मिंदा होना तय? जानिए रिकवरी एजेंट्स की हदें और आपके हक:RBI की चेतावनी और लीगल हथियार ज़रूर जानें!

यह भी पढ़े  -मानसून में भीगे कपड़ों से बदबू और फंगस से पाएं छुटकारा – ये आसान देसी उपाय आपके काम जरूर आएंगे..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |

https://chat.whatsapp.com/H8ycgPvlgfBFPAHM2dXPhK