भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दिल तोड़ देने वाली दर्दनाक घटना—इंदौर के एमवाय अस्पताल के NICU में नवजात की मौत
इंदौर एमवाय अस्पताल में NICU के भीतर चूहों से नवजात शिशु के हाथ-पैर कुतर जाने की घटना के बाद एक बच्चे की दुखद मृत्यु हो गयी। हालांकि अस्पताल ने सीधे चूहे को मौत का कारण बताया है, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तलब किया स्पष्टीकरण।
आपात कार्रवाई: नर्सिंग स्टाफ निलंबित, अस्पताल गंभीर मोर्चे पर
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने दो नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित कर दिया है, जबकि नर्सिंग सुपरिटेंडेंट को भी पद से हटा दिया गया। जिम्मेदार अधिकारियों और प्रभारी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
हत्या नहीं, बीमारी कारण—डीन का पक्ष
डीन ने स्पष्ट किया कि मृत नवजात का वजन मात्र 1.2 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन बहुत कम था। चिकित्सकीय रिपोर्ट से पता चला कि मौत का कारण सीप्टिसीमिया (संक्रामण) है, न कि ने किसी चूहे का काटना।
दूसरी नवजात अभी वेंटिलेटर पर, हालत स्थिर
दो पीड़ित नवजातों में से दूसरा बच्चा पेट की सर्जरी के बाद वेंटिलेटर पर है और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बतायी जा रही है।
चिकित्सा विभाग ने डीन से मांगा स्पष्टीकरण
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन को आदेश मिला है कि NICU में चूहों से जुड़ी लापरवाही पर तुरंत स्पष्टीकरण दें।
परिवार की कहानी: खंडवा और देवास से आए परिजन
मरने वाले नवजात की मां लक्ष्मीबाई खंडवा से आई थीं, वहीं बचा नवजात देवास का रहने वाला है। दोनों के परिजन अस्पताल में डॉक्टरी कार्रवाई और स्पष्टीकरण की मांग करते दिखे।
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NICU में चूहों की सक्रियता के बीच अस्पताल में अफरा-तफरी
NICU में चूहों का सक्रिय होना सामने आया, जिससे मरीज और स्टाफ दोनों में भय व्याप्त हो गया। सुरक्षात्मक उपाय के तौर पर प्लाई लगाकर सुराख बंद किया गया है और पेस्ट कंट्रोल की प्रक्रिया तेज की गयी है।
उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई, लगभग सख्त कार्रवाई का आश्वासन
डीन ने एसपी बंसल, शशि शंकर शर्मा, अरविंद शुक्ला, निर्भय मेहता, बसंत निगवाल एवं सिस्टर दयावती दयाल को शामिल करते हुए जांच कमेटी बनाई है। एक हफ़्ते में रिपोर्ट पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया गया है।
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पेस्ट कंट्रोल को लेकर hospital की सफाई व व्यवस्थाओं पर सवाल
डीन का दावा है कि 15‑दिन में पेस्ट कंट्रोल होता है, लेकिन हाल में तेज बारिश के चलते आसपास जल जमा होने की वजह से चूहों की संख्या बढ़ गई। यह लापरवाही ICU अधिकारियों की जिम्मेदारी मानी जा रही है।
कानूनी सुझाव: लापरवाही की श्रेणी में शामिल है—गैर इरादतन हत्या
सिनियर वकील पंकज वाधवानी ने कहा कि ऐसा मामला गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है और जिम्मेदार पर इस धारणा में केस दर्ज होना चाहिए, क्योंकि यह घोर लापरवाही है।
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