भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : क्या आप भी अंकुरित आलू-प्याज-लहसुन खाते हैं? सावधान रहें—ये आदत सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है
भारतीय घरों की रसोई की पहचान आलू, प्याज और लहसुन से होती है। किफायती, स्वाद बढ़ाने वाले और हर व्यंजन में फिट बैठने वाले ये खाद्य पदार्थ लगभग हर घर में रोज़ इस्तेमाल होते हैं। लेकिन इन्हें लंबे समय तक रखने पर यही सब्जियां अंकुरित होने लगती हैं—और यहीं से शुरू होता है सेहत पर खतरा। कई लोग उलझन में रहते हैं कि इन अंकुरित सब्जियों को खाएं या फेंक दें।
विशेषज्ञ साफ कहते हैं—अंकुरित आलू, प्याज और लहसुन खाना सही नहीं है। अंकुर आने पर आलू में सोलनिन नामक जहरीला तत्व बढ़ जाता है, जो उल्टी, सिरदर्द, पेट दर्द और मतली जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। वहीं प्याज और लहसुन के अंकुर में बढ़े हुए सल्फर कंपाउंड गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी दे सकते हैं।

अंकुरित आलू: क्यों होता है नुकसान?
लंबे समय तक रखे आलू पर छोटे-छोटे अंकुर निकल आते हैं। कई लोग इन्हें हटाकर आलू इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं। अंकुरित आलू में glycoalkaloids जैसे जहरीले तत्व बन जाते हैं, जो शरीर में जाएं तो उल्टी, दस्त, सिरदर्द और पेट दर्द जैसी दिक्कतें दे सकते हैं।
आलू के अंकुरित होने की वजह घरों में इन्हें गर्मी और रोशनी वाली जगह रखना होता है। इन्हें हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना बेहतर है।नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन में यह भी कहा गया कि गर्भवती महिलाओं द्वारा अंकुरित आलू खाने पर बच्चों में न्यूरल ट्यूब दोष और ओरोफेशियल क्लेफ्ट का खतरा बढ़ सकता है।
प्याज और लहसुन के अंकुर: किन बातों का रखें ध्यान
लंबे समय तक रखे प्याज में हरे रंग का डंठल जैसा अंकुर बनने लगता है। लोग अक्सर इसे प्याज का हिस्सा समझकर इस्तेमाल कर लेते हैं या अचार में डाल देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये स्वास्थ्यवर्धक नहीं होते। प्याज को अंकुरित होने से रोकने के लिए इसे अंधेरी और नमी रहित जगह पर रखना जरूरी है।
लहसुन में भी इसी तरह के अंकुर दिखते हैं, और ऐसे लहसुन को छीलने पर अंदर ब्लैक फंगस पनपने की संभावना रहती है। इसलिए इसे फेंक देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
कच्चे अंकुरित अनाज भी दे सकते हैं नुकसान
कुछ लोगों को अंकुरित अनाज और बीज कच्चे खाने की आदत होती है। लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ प्रकार के अंकुरित बीज—खासकर अल्फाल्फा और अंकुरित फलियों—को कच्चा खाना फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।
इसी वजह से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अंकुरित सब्जियों और अंकुरित अनाजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
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