भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में लगातार पड़ रही ठंड के बीच अब थोड़ी राहत की खबर है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना जताई है। बुधवार और गुरुवार को कई जिलों में न्यूनतम तापमान 1–2 डिग्री ऊपर चढ़ा भी है।
मौसम विभाग के अनुसार तापमान के बढ़ने से ठंड में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। हालांकि सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में शीतलहर का असर अभी भी बना रहेगा। इन इलाकों में हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले 24 घंटों में राज्य का अधिकतम तापमान दुर्ग में 30.9°C और न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 10.4°C रहा। तीन दिन पहले अंबिकापुर का तापमान 6°C तक पहुंचा था, जो नवंबर में पिछले दस साल का सबसे कम तापमान है।
रायगढ़ में अलाव की व्यवस्था:
रायगढ़ में ठंड से बचाव के लिए नगर निगम ने 9 स्थानों पर अलाव की सुविधा की है। इनमें मेडिकल कॉलेज के दो स्थान, चक्रधर नगर ऑटो पार्किंग, रामनिवास टॉकीज चौक, रेलवे स्टेशन, अशर्फी देवी अस्पताल, जिला अस्पताल, केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, मिनी माता चौक और शनि मंदिर के पास लकड़ी की व्यवस्था की गई है।ये वे जगहें हैं जहां रात में लोगों का आना-जाना ज्यादा रहता है, इसलिए यहां विशेष रूप से राहत दी गई है।
ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में हालात और ठंडे हैं। लैलूंगा, कापू, छाल और धरमजयगढ़ में लोग शाम ढलते ही घरों में दुबक जाते हैं और अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
नवंबर महीने के ठंड के रिकॉर्ड:
नवंबर छत्तीसगढ़ में आम तौर पर ठंड की शुरुआत का महीना होता है। मौसम विभाग के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि 2 नवंबर 1935 को नवंबर का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज हुआ था।वहीं 22 नवंबर 1883 को अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C रिकॉर्ड किया गया—यह नवंबर की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।
बारिश के पुराने रिकॉर्ड:
नवंबर में सबसे ज्यादा बारिश 1924 में दर्ज की गई, जब पूरे महीने में 138.2 मिमी वर्षा हुई थी। इसके अलावा 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे में 70.4 मिमी बारिश का भी रिकॉर्ड बना था—जो आज तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय नवंबर वर्षा रिकॉर्ड है।
नवंबर का सामान्य मौसम पैटर्न:
आमतौर पर नवंबर का महीना साफ-सुथरे और स्थिर मौसम के लिए जाना जाता है। कभी-कभी आसमान में हल्के बादल भी छा जाते हैं। इस दौरान दिन का तापमान नीचे जाता है और हल्की सर्दी महसूस होने लगती है।
हवाएं भी धीमी और ठंडी चलती हैं। यदि बारिश होती है तो यह ज्यादातर समुद्री चक्रवात या लो-प्रेशर सिस्टम के कारण होती है, जो बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से प्रभावित होते हैं।तूफानों या ओलावृष्टि जैसी घटनाएं नवंबर में लगभग नहीं के बराबर होती हैं।
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