दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में महिला डॉक्टर का कबूलनामा! 2 साल से जमा कर रही थी विस्फोटक, 26 जनवरी को लाल किले पर हमले की थी प्लानिंग,..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया है। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है — गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने कबूल किया है कि वह अपने साथी डॉक्टर आतंकियों के साथ मिलकर देशभर में धमाकों की साजिश रच रही थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शाहीन ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो सालों से विस्फोटक सामग्री जमा कर रही थी। धमाके वाले दिन i20 कार लाल किला पहुंचने से पहले दिल्ली के कई इलाकों से होकर गुजरी थी। कार दोपहर करीब 2:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंची और कुछ देर बाद वहां से निकल गई।

                           दिल्ली ब्लास्ट केस – डॉ. शाहीन शाहिद का कबूलनामा, लाल किला हमले की साजिश

  • सूत्रों ने बताया कि दिल्ली-NCR और पुलवामा में लगातार हो रही छापेमारी के दबाव में अलफलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर आतंकी डॉ. उमर नबी घबरा गया था। वह फरीदाबाद से अधूरा IED लेकर कार में निकला, जिससे धमाका हुआ। इसलिए विस्फोट का असर सीमित रहा और क्रेटर या छर्रे नहीं मिले।

    पुलिस ने यह भी साफ किया कि यह सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था। कार ने किसी टारगेट को टक्कर नहीं मारी, न किसी इमारत में घुसी। उमर नबी विस्फोट में मारा जा चुका है। पुलिस ने उसकी मां का DNA सैंपल लिया है ताकि धमाके के अवशेष में मिले शव के टुकड़ों की पहचान हो सके।

    10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुई इस घटना में 12 लोगों की मौत हुई। जांच में सामने आया है कि कार में वही विस्फोटक सामग्री थी, जो फरीदाबाद से बरामद की गई थी। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा बताया जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी में सक्रिय है।

    फरीदाबाद में जैश के इस नए वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से अब तक 8 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें से 6 डॉक्टर हैं। डॉ. शाहीन सीधे जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के संपर्क में थी और जमात-उल-मोमिनात नामक महिला विंग से जुड़ी थी।

    इस विंग को सादिया अजहर ने अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए अक्टूबर 2025 में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत बनाया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शाहीन को फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार कर श्रीनगर ले जाकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।

    डॉ. शाहीन ने इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज (1996–2001 बैच) से एमबीबीएस और फार्माकोलॉजी में एमडी किया था। वह 2006 से 2013 तक कानपुर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रही, लेकिन 2021 में अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त कर दी गई। इसके बाद वह अलफलाह यूनिवर्सिटी में काम करने लगी, जहां उसकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल से हुई।

  • डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की थी। जांच एजेंसियों को मुजम्मिल के फोन डंप डेटा से इसकी पुष्टि हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि 26 जनवरी पर लाल किले को टारगेट करने की प्लानिंग थी और दीवाली पर भी भीड़भाड़ वाली जगह को निशाना बनाने की साजिश चल रही थी।

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