दुर्ग में धान खरीदी से पहले बड़ा एक्शन! 7 कर्मचारी बर्खास्त, हड़ताल तेज—प्रशासन ने शुरू की वैकल्पिक व्यवस्था..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग में धान खरीदी से पहले हड़कंप! 7 कर्मचारी बर्खास्त, हड़ताल ने पकड़ा जोर

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले ही हालात गर्मा गए हैं। सहकारी समितियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 15 नवंबर को 13वें दिन भी जारी रही। दुर्ग संभाग समेत प्रदेश के सात जिलों से रोजाना करीब ढाई हजार कर्मचारी दुर्ग के मानस भवन के पास पहुंचकर विरोध जता रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर भी किसान इस मुद्दे को लेकर चिंता जता रहे हैं।इसी बीच, कई समितियों में अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। इस कार्रवाई ने आंदोलन को और आक्रामक बना दिया है।

                         दुर्ग धान खरीदी हड़ताल – बर्खास्त कर्मचारियों और वैकल्पिक व्यवस्था से जुड़ा आंदोलन स्थल का दृश्य

सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ, कंप्यूटर ऑपरेटर महासंघ और धान खरीदी से जुड़े कर्मचारी अपनी चार मुख्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें मध्य प्रदेश की तर्ज पर वेतनमान, लंबित भत्तों का भुगतान, सेवा शर्तों में सुधार और सुरक्षा प्रावधान शामिल हैं/ उनका आरोप है कि सरकार ने वर्षों से लंबित इन मुद्दों पर कोई गंभीर पहल नहीं की।

कर्मचारियों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में रजिस्ट्रेशन, तौल प्रक्रिया, पोर्टल संचालन, भुगतान अद्यतन और रिकॉर्ड एंट्री जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी काम उन्हीं पर निर्भर हैं। ऐसे में उचित मानदेय और सुरक्षा के बिना इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो रहा है।

महासंघ के कोषाध्यक्ष जागेश्वर साहू का कहना है कि सरकार न तो किसी मांग पर विचार कर रही है और न ही समाधान की कोशिश। उल्टा बर्खास्तगी की कार्रवाई कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। 

साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस रवैये का खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उनका दावा है कि 13 दिनों के बाद भी कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है बल्कि विरोध और मजबूत हुआ है।

बर्खास्तगी उन कर्मचारियों पर हुई जो बार-बार अनुपस्थित रहे, नोटिस का जवाब नहीं दिया और रबी ऋण वितरण, PDS, खाद-बीज जैसी सेवाओं में बाधा उत्पन्न हुई।

उधर, धान खरीदी बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी और खरीदी प्रभारी बनाया गया है। 

इन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। गांवों से नए इच्छुक कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर खरीदी केंद्रों में तैनात किया जा रहा है। समितियों में ज़रूरी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

कलेक्टर का कहना है कि किसानों की धान खरीदी किसी भी हालत में प्रभावित न हो, इसके लिए हर केंद्र पर वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल लागू कर दी गई है। प्रशासन दावा कर रहा है कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने की पूरी तैयारी हो चुकी है।


यह भी पढ़े -बुढ़ापे तक याददाश्त चाहिए मजबूत तो आज ही शुरू करें वेट ट्रेनिंग! घटेगा डिमेंशिया का खतरा: साइंस स्टडी का बड़ा खुलासा, दिमाग और शरीर दोनों होंगे मजबूत..

यह भी पढ़े -भारतमाला घोटाले में बड़ा खुलासा: EOW ने 7600 पन्नों का चालान पेश किया, करोड़ों का मुआवजा डकारने का आरोप.

यह भी पढ़े - लॉज के कमरे में जिंदा जले प्रेमी-प्रेमिका, संदिग्ध हालात में दर्दनाक मौत! हादसा या साजिश? फॉरेंसिक रिपोर्ट खोलेगी राज.

यह भी पढ़े - चाय के बाद पानी पीने से पाचन, दांत और एसिडिटी पर असर पड़ता है या नहीं? जानें हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह

यह भी पढ़े -गले में कोबरा डालकर बना रहा था रील युवक , सांप के डसते ही हुई मौत..

यह भी पढ़े  -छत्तीसगढ़ की बेटियों को तोहफा: कॉलेज पढ़ाई के लिए हर साल 30 हजार देगी सरकार, जल्द शुरू होगा पंजीयन..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/IpwXxsrsm4JK3nX8WVmi1J