रात में सोने से पहले फोन देखना क्यों है खतरनाक? बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : हम में से कई लोग रात को देर तक मोबाइल स्क्रॉल करते-करते सो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही आदत एक दिन डायबिटीज जैसी बीमारी की वजह बन सकती है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि रात में स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना ब्लड शुगर बढ़ाने तक का काम कर देता है। शहर के डॉक्टर्स भी इस बात को लेकर लोगों को लगातार जागरूक कर रहे हैं।

Diabetes Risk from Late Night Mobile Use – Health News Explainer”

डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर ब्लड शुगर को कंट्रोल नहीं कर पाता। यह हालत तब खराब होती है जब शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता, या फिर इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता। यही वजह है कि ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों और कई अध्ययनों में साफ कहा गया है कि रात में सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट देखने की आदत हाई ब्लड शुगर का जोखिम बढ़ा देती है। इन स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जिसकी वजह से नींद की गुणवत्ता खराब होती है और कोर्टिसोल बढ़ने लगता है। यही कोर्टिसोल ब्लड शुगर के नियंत्रण को बिगाड़ देता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस तक पैदा कर सकता है।

मेलाटोनिन क्या है? – आसान भाषा में

मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो शरीर की नींद का सिस्टम कंट्रोल करता है। रात में जब आप मोबाइल या कंप्यूटर की तेज नीली रोशनी देखते हैं, तो दिमाग दिन समझ लेता है और मेलाटोनिन बढ़ने नहीं देता।
जब यह हार्मोन कम बनता है, तो नींद खराब होती है—और यही खराब नींद शरीर के इंसुलिन प्रोडक्शन और शुगर बैलेंस को बिगाड़ देती है।

NIDDK के शोध में भी पाया गया है कि पर्याप्त नींद न मिलना ब्लड शुगर को बढ़ा देता है। इससे शरीर को ग्लूकोज कंट्रोल करने में मुश्किल होती है।

शोध क्या कहते हैं?

द लैंसेट रीजनल हेल्थ – यूरोप में प्रकाशित शोध के अनुसार—
रात में रोशनी के संपर्क में आने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है, चाहे आप कितनी भी देर सोएं।
क्योंकि रोशनी शरीर की आंतरिक घड़ी को गड़बड़ कर देती है, जिससे शरीर आराम की बजाय सतर्क अवस्था में चला जाता है। यही स्थिति तनाव हार्मोन बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल हाई होने की वजह बनती है।

रात में लगातार स्क्रीन देखने से नींद की कमी होती है, और यही कमी धीरे-धीरे इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को कम करती जाती है।
डॉक्टर्स के मुताबिक, यही इंसुलिन रेजिस्टेंस आगे चलकर मोटापा, डायबिटीज और पीसीओएस जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म देता है।

महिलाओं में इसका असर हार्मोन और प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है।
पुरुषों में खराब नींद के कारण टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या भी बढ़ सकती है।

आपकी एक छोटी सी आदत आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है। रात में मोबाइल स्क्रॉल करने से पहले इस खबर को जरूर याद रखें।

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(डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान करते हैं. आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए और इस विधि या प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने निजी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.)

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