भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में प्रदेश को एक और ऐतिहासिक तोहफा मिला है। नवा रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब राज्य को अपने गौरव, संस्कृति और आधुनिकता का प्रतीक मिला।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकार्पण समारोह में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री मोदी का लोकतांत्रिक परंपराओं पर अटूट विश्वास है। उन्होंने कहा कि इस भवन में अब ऐसे फैसले होंगे, जो राज्य की समृद्धि और खुशहाली को नई दिशा देंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहा — “आज भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती पर यह ऐतिहासिक पल हमें मिला है।” उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ को बनाया था, और अब मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह भवन न सिर्फ आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आत्मा को भी समेटे हुए है। भवन 80% स्वदेशी सामग्री से निर्मित है। सदन में बस्तर के सागौन की लकड़ी का फर्नीचर, दरवाजे और छत पर धान की बालियों की कलाकारी है — जो प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाती है।
इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भवन
वर्ष 2000 में जब राज्य की शुरुआत रायपुर के राजकुमार कॉलेज से हुई थी, तब से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में यह स्वर्णिम मुकाम हासिल किया है। नया विधानसभा भवन न केवल आधुनिकता का उदाहरण है, बल्कि यह राज्य की कृषि प्रधान संस्कृति और बस्तर की शिल्पकला को जीवंत करता है।
भवन की सीलिंग पर धान की बालियां और पत्तियां उकेरी गई हैं — जो प्रदेश के “धान के कटोरे” होने का गर्व दर्शाती हैं। दरवाजों और फर्नीचर पर बस्तर के काष्ठ शिल्पियों की मेहनत झलकती है।
अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल भवन
नए विधानसभा भवन को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। पेपरलेस सिस्टम और डिजिटल तकनीक के साथ यह ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।
324 करोड़ रुपए की लागत से 51 एकड़ में बने इस परिसर में तीन हिस्से हैं — विंग A (सचिवालय), विंग B (सदन व मुख्यमंत्री कार्यालय) और विंग C (मंत्रियों के कार्यालय)। इसमें 500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल भी बनाया गया है।
सोलर प्लांट और दो सरोवरों के साथ यह भवन पर्यावरण के प्रति भी संवेदनशील है। हरित तकनीक से निर्मित यह परिसर ‘ग्रीन एनर्जी’ और ‘वाटर हार्वेस्टिंग’ का उदाहरण है।
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