भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत अचानक मौदहापारा थाने पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी देने लगे। जैसे ही खबर फैली, थाने के बाहर समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि थाने के आसपास ऐसा माहौल कम ही देखने मिलता है।थाने के बाहर 1 ASP, 2 CSP, 5 थानों के टीआई सहित भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। हालात तनावपूर्ण दिखे, लेकिन नियंत्रण में रहे।
एक दिन पहले ही राज शेखावत ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा था कि वे ‘आमंत्रण यात्रा’ निकालेंगे और शाम 4 बजे मौदहापारा थाने में गिरफ्तारी देंगे। इसी घोषणा के बाद से पुलिस अलर्ट मोड पर थी।
शेखावत पर आरोप है कि उन्होंने वीरेंद्र तोमर के जुलूस के बाद पुलिसकर्मियों के घरों में घुसने की धमकी दी थी। इसी मामले में पूर्व थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। बता दें कि वीरेंद्र तोमर इस समय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में है।
इंस्पेक्टर योगेश कश्यप की शिकायत में आपराधिक धमकी, लोक सेवक को धमकाने और अपमान से जुड़े आरोप लगाए गए। इसके आधार पर मौदहापारा पुलिस ने 15 नवंबर को BNS की धाराओं में FIR दर्ज की। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा का कहना था—“अपराधी कोई भी हो, छोड़ा नहीं जाएगा।”
इधर करणी सेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था—तोमर कोई आतंकवादी था क्या, जिसका जुलूस निकाला गया? उन्होंने चेतावनी दी कि क्षत्रिय समाज बहुत जल्द रायपुर कूच करेगा।
शेखावत ने कहा कि पुलिस ने तोमर के साथ गलत किया, उसे नंगे पैर और हथकड़ियों में धूप में घुमाया गया। रोड पर गिरने के बाद पुलिस वालों ने पैर रखकर उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा—“ऐसे पुलिसवाले डूब मरो।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन नेताओं के दबाव में आकर निर्दोष लोगों पर कार्रवाई कर रहा है। “वीरेंद्र के छोटे भाई का अपराध था, मगर कार्रवाई पूरी फैमिली पर कर दी गई,” शेखावत ने कहा।
शेखावत ने समर्थकों से कहा था—“मजबूत डंडा और केसरिया झंडा लेकर आना। यह आर-पार की लड़ाई है।” उन्होंने SP डॉ. लाल उम्मेद सिंह को भी सीधे चेतावनी देते हुए कहा—“हम ऑफिस नहीं आएंगे, आपके घर आएंगे।”
10 नवंबर को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को ग्वालियर से गिरफ्तार कर रायपुर लाया था। 9 नवंबर को कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने उसका जुलूस निकाला था। वह लंगड़ाते हुए चल रहा था और आखिर में बेहोश हो गया था। उसकी पत्नी ने भी पुलिस पर बरसते हुए कहा था—“मेरे पति को मार डालो!”
ACCU में उससे घंटों पूछताछ चली। वहीं उसका भाई रोहित तोमर अभी फरार है। दोनों भाइयों पर 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, रंगदारी, धोखाधड़ी से लेकर ब्लैकमेलिंग तक शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़े -बुढ़ापे तक याददाश्त चाहिए मजबूत तो आज ही शुरू करें वेट ट्रेनिंग! घटेगा डिमेंशिया का खतरा: साइंस स्टडी का बड़ा खुलासा, दिमाग और शरीर दोनों होंगे मजबूत..
यह भी पढ़े - लॉज के कमरे में जिंदा जले प्रेमी-प्रेमिका, संदिग्ध हालात में दर्दनाक मौत! हादसा या साजिश? फॉरेंसिक रिपोर्ट खोलेगी राज.
यह भी पढ़े - चाय के बाद पानी पीने से पाचन, दांत और एसिडिटी पर असर पड़ता है या नहीं? जानें हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह
यह भी पढ़े -गले में कोबरा डालकर बना रहा था रील युवक , सांप के डसते ही हुई मौत..
यह भी पढ़े -छत्तीसगढ़ की बेटियों को तोहफा: कॉलेज पढ़ाई के लिए हर साल 30 हजार देगी सरकार, जल्द शुरू होगा पंजीयन..
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे




