भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मप्र ,सीहोर के VIT यूनिवर्सिटी कैंपस में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार सुबह फिर आगजनी की घटना सामने आई, और दूर से उठता धुआं देखकर ऐसा लग रहा था मानो परिसर में तनाव दोबारा भड़क गया हो। मंगलवार देर रात जिस तरह 4 हजार से ज्यादा छात्रों ने गाड़ियों में आग लगा दी थी, उसके बाद आज का माहौल फिर भय पैदा करने वाला रहा।
बुधवार सुबह वीआईटी यूनिवर्सिटी के अंदर अचानक आग लगाई गई। करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से बिल्डिंग से उठता धुआं दिखाई दे रहा था। फायर ब्रिगेड को तुरंत बुलाया गया और बड़ी संख्या में छात्र अपने-अपने घर लौट रहे हैं।
इससे पहले मंगलवार रात हालात बेकाबू हो गए थे। करीब 4 हजार छात्रों ने एकजुट होकर कैंपस में बसों, कारों और एम्बुलेंस तक में आग लगा दी। कई जगह तोड़फोड़ हुई, जिसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए 5 थानों से भारी पुलिस बल बुलाया गया।
कैंपस में तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रदर्शन की वजह: खराब खाना-पानी
वीआईटी यूनिवर्सिटी आष्टा क्षेत्र में स्थित है। छात्रों का आरोप है कि कैंपस में मिलने वाला भोजन और पानी बेहद खराब गुणवत्ता का है। कहा जा रहा है कि इसी कारण कई छात्रों को पीलिया हो गया है और कई अस्पतालों में भर्ती हैं। छात्रों ने दावा किया है कि कुछ मौतें भी हुई हैं, जिसे लेकर आक्रोश और बढ़ गया।
लेकिन वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार केके नायर ने वीडियो जारी कर इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। उनके अनुसार, पीलिया से एक भी छात्र की मौत नहीं हुई है और ऐसी खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने वाली हैं।
गार्ड द्वारा मारपीट का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई, तो हॉस्टल के वार्डन और गार्ड्स ने उनकी पिटाई कर दी। छात्रों के मुताबिक उन्हें चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया और यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बातचीत में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। यही वजह थी कि छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
4000 छात्र जमा हुए, तोड़फोड़ की
रात में देखते ही देखते कैंपस में करीब 4000 छात्र जमा हो गए। उन्होंने बस, बाइक और एम्बुलेंस को नुकसान पहुंचाया। हॉस्टल की खिड़कियों के शीशे, RO प्लांट और कई हिस्सों में भारी तोड़फोड़ हुई।
पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एसडीएम, एसडीओपी और आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली और मंडी थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने छात्रों से बात करके उन्हें शांत कराया और हालात नियंत्रित किए।
एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। 30 नवंबर तक घोषित अवकाश के बाद कई छात्र घर लौट रहे हैं। सभी हॉस्टल्स के बच्चों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्रशासन ले रहा है।
आज प्रबंधन और छात्रों की बैठक
प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। आज यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्रों की संयुक्त बैठक तय की गई है।
एसडीओपी आकाश अमलकर के अनुसार, फिलहाल यूनिवर्सिटी और हॉस्टल पूरी तरह नियंत्रण में हैं, पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रजिस्ट्रार का बयान — “एक भी मौत नहीं हुई”
वीआईटी रजिस्ट्रार केके नायर ने दावा किया है कि यूनिवर्सिटी में खाने-पानी की जांच कई बार कराई गई है और हर बार रिपोर्ट सुरक्षित आई है। उनके अनुसार पीलिया के मामले जरूर मिले, मगर सभी छात्रों को समय पर इलाज मिला और किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।
नायर ने कहा कि गलत अफवाहें फैलाकर छात्रों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
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