भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास चैन से बैठकर खाना खाने का वक्त तक नहीं रह गया है। ऑफिस में जल्दबाजी में लंच ब्रेक लेना, चलते-फिरते स्नैक्स खाना या घर पर टीवी देखते हुए खड़े होकर नाश्ता करना — अब आम बात हो चुकी है।
अब तो शादी-ब्याह और पार्टियों में भी खड़े होकर खाने का चलन बढ़ गया है। लेकिन ये ‘स्टाइलिश आदत’ आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
वैज्ञानिक रिपोर्ट का खुलासा
साल 2021 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, खड़े होकर या तेज़ी से खाने की आदत मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा 54% तक बढ़ा देती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का कारण बन सकती है।
एक्सपर्ट राय: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन (RMLI Lucknow)
सवाल: खड़े होकर खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: खड़े होकर खाना जल्दी पेट में चला जाता है। पाचन एंजाइम्स को समय नहीं मिल पाता और गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में व्यक्ति ज़रूरत से ज़्यादा खा लेता है, जिससे ओवरईटिंग और अपच बढ़ जाता है। लंबे समय में इससे आंतों पर दबाव और पोषक तत्वों की कमी जैसी दिक्कतें होती हैं।
सवाल: पाचन तंत्र सही रखने के लिए क्या सावधानियां बरतें?
जवाब: “हम क्या, कब और कैसे खाते हैं, ये तीनों चीजें पाचन के लिए अहम हैं,” डॉ. पूनम बताती हैं। शांत माहौल में बैठकर सीमित मात्रा में खाना खाएं। इससे शरीर पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित करता है।
सवाल: क्या खाना खाते समय चलना सही है?
जवाब: चलते-चलते खाना खाने से ध्यान भोजन पर नहीं रहता, जिससे ओवरईटिंग या अपच होता है। साथ ही शरीर की गति से पाचन एंजाइम्स असंतुलित हो जाते हैं। लेकिन खाना खाने के बाद हल्की वॉक करना पाचन और हार्ट हेल्थ दोनों के लिए फायदेमंद है।
सवाल: किस पोजिशन में खाना सबसे अच्छा है?
जवाब: बैठकर सीधी मुद्रा में भोजन करना सबसे बेहतर तरीका है। इससे पेट पर दबाव नहीं पड़ता, भोजन धीरे-धीरे पचता है और ब्लड सर्कुलेशन संतुलित रहता है। फर्श पर पालथी मारकर या कुर्सी पर सीधे बैठकर खाने से पाचन दुरुस्त होता है।
सवाल: खाना खाने के बाद नींद क्यों आती है?
जवाब: इसे फूड कोमा कहा जाता है। जब भोजन में कार्ब और फैट ज़्यादा होते हैं, तो पाचन में अधिक ऊर्जा लगती है और थकान महसूस होती है। खाने के बाद शरीर का ब्लड फ्लो पाचन तंत्र की ओर चला जाता है, जिससे दिमाग को कम ऊर्जा मिलती है और नींद आने लगती है।
सवाल: भोजन पचने में कितना समय लगता है?
जवाब: हल्का भोजन जैसे फल या सूप 2–3 घंटे में पचता है, जबकि रोटी-सब्जी 4–6 घंटे में। भारी भोजन, जैसे फ्राइड या नॉनवेज फूड, 8 घंटे या उससे ज्यादा ले सकता है। इसलिए रात का खाना हल्का और सोने से 3–4 घंटे पहले लेना सबसे बेहतर माना गया है।
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खड़े होकर खाने के नुकसान
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खाना जल्दबाजी में खाते हैं।
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खाना ठीक से चबाते नहीं हैं।
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जल्दी-जल्दी निगल लेते हैं।
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खाना पाचन नली में फास्ट मूव करता है।
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इससे पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ता है।
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गैस की समस्या होती है।
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ओवरईटिंग का खतरा बढ़ता है।
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एसिडिटी और हार्ट बर्न बढ़ता है।
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शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता।
हेल्दी ईटिंग के 12 नियम
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रोज़ एक तय समय पर खाएं।
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धीरे-धीरे चबाकर खाएं।
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हर निवाले के बीच थोड़ा गैप रखें।
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खाते हुए 1-2 घूंट पानी पिएं।
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माइंडफुल ईटिंग करें।
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खाते हुए फोन-टीवी न देखें।
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जितनी भूख हो, उससे कम खाएं।
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डिनर सोने से 4 घंटे पहले करें।
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खाने के तुरंत बाद लेटें नहीं।
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डाइट में न्यूट्रिएंट्स का संतुलन रखें।
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घर के बने खाने को प्राथमिकता दें।
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सोडा, जंक और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
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