भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : HIV के मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद सामने आई है। सालों से रोजाना दवा पर निर्भर रहने वाले मरीजों को अब इससे राहत मिल सकती है। साइंटिस्ट्स ने ऐसी नई थेरेपी तैयार की है, जिसे एक बार देने पर वायरस महीनों तक कंट्रोल में रहा।
वैज्ञानिकों को ट्रायल में मिली बड़ी सफलता
HIV एक खतरनाक संक्रमण है, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और सही इलाज न मिलने पर AIDS का कारण बनता है। HIV मरीजों को रोज दवा लेनी होती है और दवा छूटते ही वायरस तेजी से बढ़ने लगता है।
लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के रिसर्चर्स ने अब एक कॉम्बिनेशन थेरेपी विकसित की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस थेरेपी को 10 HIV पॉजिटिव मरीजों पर आज़माया गया और नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर आए।
क्या था नया कॉम्बिनेशन ट्रीटमेंट?
इस थेरेपी में तीन खास चीजें शामिल थीं—
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एक विशेष वैक्सीन
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इम्यून सिस्टम एक्टिव करने वाली ड्रग्स
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ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज
मकसद था शरीर की आंतरिक सुरक्षा को इतना मजबूत करना कि HIV खुद ही दब जाए।
मरीजों में दिखा चौंकाने वाला असर
ट्रायल के दौरान मरीजों की रोजाना ART दवा बंद कर दी गई। इसके बावजूद—
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10 में से 7 मरीजों में वायरस बेहद कम स्तर पर रहा।
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एक मरीज में वायरस 18 महीने तक दबा रहा।
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वायरस लौटने की कोशिश करता तो उनके CD8+ T सेल्स तुरंत सक्रिय हो जाते।
तीन मरीजों में वायरस बढ़ने के पीछे क्या कारण रहे, इससे साइंटिस्ट्स को आगे की रिसर्च में मदद मिलेगी।
इलाज बंद करने के बाद भी कंट्रोल कैसे रहा?
सबसे बड़ी बात यह रही कि एंटीबॉडीज शरीर से निकल गईं, फिर भी वायरस कई महीनों तक नीचे ही रहा। यह दिखाता है कि ये थेरेपी इम्यून सिस्टम को लंबी अवधि तक सक्रिय रख सकती है।
फ्यूचर में क्या बदल सकता है?
अगर आगे के रिसर्च में यह थेरेपी सुरक्षित साबित होती है, तो—
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मरीजों को रोज दवा नहीं खानी पड़ेगी
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लाइफ क्वालिटी बेहतर होगी
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साइड इफेक्ट कम होंगे
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इलाज का खर्च भी घटेगा
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हेल्थ सिस्टम पर दबाव कम होगा
(Disclaimer: इस खबर में दी गई मेडिकल जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी तरह का इलाज या थेरेपी अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. यहां दी गई जानकारी प्रोफेशनल मेडिकल गाइडेंस का विकल्प नहीं है.)
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