भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में संतान सुख की आस लगाए दंपतियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी रायपुर स्थित एम्स में फरवरी के अंत तक आईवीएफ सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे परिवारों को नई उम्मीद मिलेगी।
रायपुर एम्स में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ सेंटर की शुरुआत की तैयारी अंतिम चरण में है। यह दिल्ली एम्स के बाद देश का दूसरा और छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी आईवीएफ सेंटर होगा, जहां बांझपन के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकारी स्तर पर आईवीएफ सेवा शुरू होने से अब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एम्स रायपुर में एक आईवीएफ प्रक्रिया का अनुमानित खर्च 60 से 80 हजार रुपये बताया जा रहा है, जिससे आम और मध्यम वर्ग के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
वहीं निजी अस्पतालों में यही इलाज 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपये तक का होता है। ऐसे में रायपुर एम्स में खुलने वाला आईवीएफ सेंटर 2 से 5 गुना सस्ता इलाज उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से बड़ी राहत साबित होगा।
एम्स के पीआरओ डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि आईवीएफ सेंटर शुरू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स की तर्ज पर यहां आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा और इसके लिए देश व विदेश के प्रमुख आईवीएफ सेंटरों से सहयोग लिया जा रहा है।
भोपाल एम्स में भी आईवीएफ सेंटर शुरू करने के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया की गई थी। योजना के तहत एक निजी एजेंसी को एम्स द्वारा उपलब्ध कराई गई जगह पर सेंटर बनाना था, लेकिन विभागीय मतभेदों के कारण दोनों बार टेंडर रद्द कर दिए गए। ऐसे में यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हुईं, तो रायपुर देश का दूसरा एम्स होगा जहां यह सुविधा शुरू होगी।
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