भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग में आयोजित स्कूल नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता उस वक्त विवादों में घिर गई, जब राजस्थान की टीम ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रतियोगिता से एक दिन पहले ही वापस लौटने का फैसला कर लिया। टीम ने न सिर्फ मैच छोड़ा, बल्कि क्लोजिंग सेरेमनी में भी शामिल नहीं हुई।
राजस्थान की टीम का आरोप है कि अंडर-14 वर्ग की इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने ओवरएज खिलाड़ियों को मैदान में उतारा। उनका कहना है कि जहां प्रतियोगिता 14 वर्ष आयु वर्ग की थी, वहीं छत्तीसगढ़ टीम में 21 वर्ष तक के खिलाड़ी खेलते नजर आए।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान टीम ने इस संबंध में लिखित शिकायत भी की, लेकिन आरोप है कि न तो शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई और न ही खिलाड़ियों के आधार कार्ड या पहचान पत्र की जांच की गई। उल्टा, छत्तीसगढ़ की ऑफिशियल टीम द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान की टीम ने क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल न होने का निर्णय लिया और रात में ही वापस राजस्थान लौट गई। उल्लेखनीय है कि दुर्ग में 6 से 9 जनवरी तक अंडर-14 बालक वर्ग स्कूल नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम विजेता बनी।
विवाद के बाद राजस्थान के कबड्डी कोच ने बताया कि उन्होंने स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्लेटफॉर्म पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। कमेटी द्वारा उनसे पैसे भी जमा करवाए गए, लेकिन शिकायत की कोई रिसिविंग तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ के ऑफिशियल्स ऑन रिकॉर्ड कुछ भी देने को तैयार नहीं थे।
राजस्थान कबड्डी टीम के जनरल मैनेजर ने भी बताया कि उन्होंने ओवरएज खिलाड़ियों के सबूत पेश किए थे। एक खिलाड़ी की जन्मतिथि 2002 होने और उसके पहले हरियाणा फेडरेशन कप खेलने का प्रमाण भी दिखाया गया, इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
यह विवाद अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है। कई वीडियो में यह तक आरोप लगाए गए कि छत्तीसगढ़ की टीम ने फ्रॉड कर मैच जीता। राजस्थान के ऑफिशियल्स का कहना है कि अंडर-14 टूर्नामेंट में ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों को खिलाया गया और मैच के दौरान भी गलत फैसले दिए गए।
मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया के ऑब्जर्वर और दुर्ग संभाग के संयोजक की थी। एसजीएफआई के ऑब्जर्वर ने कहा कि यह मामला कमेटी चेयरमैन कल्पना स्वामी के पास है और वही इस पर निर्णय लेंगी।
वहीं, कमेटी की चेयरमैन कल्पना स्वामी ने बताया कि राजस्थान टीम ने प्रोटेस्ट किया था और कमेटी भी बनाई गई थी। उनका कहना है कि टीम को क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल होना चाहिए था, लेकिन वे पहले ही लौट गए। प्रोटेस्ट पर क्या निर्णय हुआ, इसकी जानकारी वे कमेटी से पूछने के बाद देंगी।
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