हार्ट अटैक के बाद भी खुद को ठीक करेगा दिल! वैज्ञानिकों की ऐतिहासिक खोज से हार्ट फेलियर मरीजों के लिए नई उम्मीद..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भारत में बढ़ते हार्ट अटैक मामलों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है।

हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों के लिए वैज्ञानिकों की यह खोज भविष्य में किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। अब उम्मीद जगी है कि दिल हार्ट अटैक के बाद खुद अपना इलाज कर सकता है।

वैज्ञानिकों ने मेडिकल फील्ड में अब तक की सबसे बड़ी खोज करते हुए यह साबित किया है कि इंसान का दिल हार्ट अटैक के बाद भी अपनी मसल सेल्स को दोबारा बनाने की क्षमता रखता है। यह खोज ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है, जिससे हार्ट फेलियर के इलाज में नई रीजेनरेटिव तकनीकों की उम्मीद बढ़ी है।

Heart Attack Research 2026: Heart Can Repair Itself After Attack

अब तक मेडिकल साइंस में यह माना जाता था कि हार्ट अटैक के दौरान जो हार्ट सेल्स नष्ट हो जाते हैं, वे हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं और उनकी जगह स्कार टिश्यू ले लेता है। इससे दिल की पंप करने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो जाती थी। लेकिन सर्कुलेशन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित इस नई रिसर्च ने इस धारणा को बदल दिया है।

सिडनी यूनिवर्सिटी के रिसर्च फेलो रॉबर्ट ह्यूम के अनुसार, यह प्रक्रिया पहले केवल चूहों में देखी गई थी, लेकिन अब पहली बार इंसानों में भी हार्ट मसल सेल रीजेनरेशन के ठोस सबूत मिले हैं।

इस स्टडी के लिए वैज्ञानिकों ने सिडनी के रॉयल प्रिंस अल्फ्रेड हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी करवा रहे मरीजों के जिंदा दिल के टिशू के सैंपल का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि हार्ट अटैक के बाद दिल में माइटोसिस की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें सेल्स बंटती हैं और नई सेल्स बनती हैं।

स्टडी के सीनियर लेखक और कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर शॉन लाल ने बताया कि इस खोज का अंतिम लक्ष्य ऐसी थेरेपी विकसित करना है, जिससे दिल की प्राकृतिक रिपेयर प्रक्रिया को तेज किया जा सके। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि हार्ट अटैक दिल की लगभग एक-तिहाई सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है और यही बीमारी दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है।

विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि सीने में दर्द या बेचैनी को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए और पास के अस्पताल पहुंचना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर CPR और AED जैसी जीवनरक्षक प्रक्रियाएं बेहद अहम साबित हो सकती हैं।

(डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी सिर्फ पढ़ने के मकसद से दी गई है. भिलाई की पत्रिका न्यूज़ इस जानकारी की वैज्ञानिक वैधता के बारे में कोई दावा नहीं करता है. ज्यादा जानकारी के लिए, कृपया डॉक्टर से सलाह लें)

यह भी पढ़े -2026 में बिना पंचांग देखे शादी-गृह प्रवेश, जानिए साल की 7 सबसे शुभ तिथियां! हर मांगलिक कार्य होगा सिद्ध..

यह भी पढ़े -जरूरत की खबर: छोटे बच्चों को चाय-कॉफी देना बन सकता है खतरा, फोकस और ब्रेन डेवलपमेंट पर पड़ता है सीधा असर..

यह भी पढ़े - New Year 2026: सूर्य का साल रहेगा 2026, घर लाएं ये शुभ चीजें, बढ़ेगा मान-सम्मान और तरक्की.

यह भी पढ़े - दुर्ग के होटल में शारीरिक संबंध से इंकार पर गर्लफ्रेंड की हत्या! बाइक पर लाश बीच में बिठाकर रायपुर लाए आरोपी, रायपुर युवती हत्याकांड में बड़ा खुलासा ,यूपी से गिरफ्तार..

यह भी पढ़े -जीभ के स्वाद की चुकाई भारी कीमत! फास्टफूड के पत्ता गोभी से गया कीड़ा, दिमाग में बनी गांठें और चली गई युवती की जान..

यह भी पढ़े  -सर्दियों में वर्कआउट बना सकता है दिल के लिए खतरा, ठंड में एक्सरसाइज से पहले जान लें ये जरूरी नियम..


भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे 

https://chat.whatsapp.com/IpwXxsrsm4JK3nX8WVmi1J