भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : आज के बदलते लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान ने हाई कोलेस्ट्रॉल को एक साइलेंट किलर बना दिया है। नसों में मोम जैसी गंदी चर्बी जमने लगती है, जो धीरे-धीरे खून के बहाव को रोक देती है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती है।
लोग इसे कंट्रोल करने के लिए महंगी दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन हमारी रसोई में मौजूद लहसुन को आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही असरदार मानते हैं। हालिया रिसर्च में लहसुन को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन 2016 में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, लहसुन का सप्लीमेंट या कच्चा लहसुन लेने से कुल कोलेस्ट्रॉल और LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल में स्पष्ट कमी देखी गई। यह अध्ययन खास तौर पर उन लोगों पर किया गया था, जिनका कोलेस्ट्रॉल पहले से ज्यादा था।
medicalnewstoday के अनुसार, रोजाना 3 से 6 ग्राम लहसुन का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल करीब 10% तक कम हो सकता है। रिसर्च बताती है कि लहसुन नसों में जमी गंदी चर्बी को पिघलाने में मदद करता है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा घटता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लहसुन की कलियां दवाओं का बेहतर विकल्प हो सकती हैं। रोज सुबह 2 कली लहसुन खाने से न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, बल्कि ब्लड प्रेशर भी संतुलित रहता है। कुछ रिसर्च में यह भी बताया गया है कि यह 400 mg/dL तक ब्लड शुगर को नॉर्मल करने में सहायक हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि लहसुन में मौजूद एलिसिन कंपाउंड लिवर में उस एंजाइम को रोकता है, जो कोलेस्ट्रॉल बनाने का काम करता है। यही एलिसिन लहसुन की तेज़ गंध और इसके औषधीय गुणों की वजह है। इसका असर कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं जैसा ही बताया गया है।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल खून के जरिए दो तरह के लाइपोप्रोटीन के साथ घूमता है। LDL को खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। वहीं HDL अच्छा कोलेस्ट्रॉल होता है, जो अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकालने में मदद करता है। रोज दो कली लहसुन खाने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए कच्चा लहसुन, एज्ड गार्लिक एक्सट्रैक्ट, ब्लैक गार्लिक, लहसुन पाउडर या तेल का सेवन किया जा सकता है। रिसर्च के अनुसार, कच्चा या एज्ड गार्लिक ज्यादा असरदार माना गया है।
हालांकि लहसुन कोई जादुई इलाज नहीं है। बेहतर नतीजों के लिए इसे संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह के साथ अपनी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर : यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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