पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान IG शांडिल्य ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अनुशासन और जवाबदेही के साथ काम करें और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दें।
बैठक में IG ने लुभावने विज्ञापनों के जरिए ठगी करने वालों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में थाना प्रभारी खुद एफआईआर दर्ज करें। इसके लिए थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी रखते हुए संदिग्ध कंपनियों, व्यवसायिक संस्थानों और निवेश योजनाओं की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाए।
आईजी शांडिल्य ने पुलिस कर्मचारियों की कार्यशैली, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के भरोसे से जुड़ी होती है, इसलिए हर स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम होना चाहिए।
गंभीर संपत्ति संबंधी और शरीर संबंधी अपराधों को लेकर भी IG ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों में किसी भी तरह की टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी और TI खुद अनिवार्य रूप से FIR दर्ज करेंगे।
बैठक में लंबित मामलों पर भी फोकस रहा। IG ने निर्देश दिए कि थानों में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। खासकर एक साल से अधिक समय से लंबित मामलों को जल्द निपटाने के आदेश दिए गए। साथ ही नए प्रकरणों का 60 और 90 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणीशंकर चंद्रा सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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