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शराब घोटाला मामला: 379 दिन बाद जेल से बाहर आए कवासी लखमा, बोले– न्याय व्यवस्था पर और मजबूत हुआ भरोसा..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : करीब एक साल से ज्यादा वक्त बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए। 379 दिन बाद जैसे ही वे जेल से बाहर निकले, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया।

जेल से निकलते ही कवासी लखमा कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले और इसके बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके बेटे हरीश लखमा, विधायक विक्रम मंडावी, सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, प्रमोद दुबे और संतराम नेताम मौजूद रहे।

Kawasi Lakhma Release: शराब घोटाला केस में 379 दिन बाद जेल से रिहा पूर्व मंत्री

कवासी लखमा के जेल से बाहर निकलते ही वे गाड़ी पर सवार होकर अपने आवास के लिए रवाना हुए। इस दौरान सड़क पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे लंबा जाम लग गया।

रिहाई के बाद कवासी लखमा ने कहा कि वे देश की न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि वे एक गरीब आदिवासी हैं और बस्तर की आवाज बनकर हमेशा जल-जंगल-जमीन के मुद्दे उठाते रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से न्याय व्यवस्था पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

लखमा ने यह भी कहा कि जब तक वे जीवित रहेंगे, बस्तर के जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

कवासी लखमा की रिहाई को लेकर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि वे जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन उन्हें रिसीव करने न तो दीपक बैज पहुंचे, न भूपेश बघेल, न चरणदास महंत और न ही टीएस सिंहदेव।

इस बीच कवासी लखमा की पत्नी बुधरी ने कहा कि पति की रिहाई का इंतजार करते-करते वे काफी कमजोर हो गई थीं। खाना-पीना कम हो गया था, लेकिन आज उन्हें अच्छा महसूस हो रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। यह राहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जुड़े मामलों में दी गई है।

जमानत की शर्तों के तहत कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे राज्य में आ सकेंगे। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वर्तमान पता व मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा।

ईडी ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 7 दिन की रिमांड पर पूछताछ की गई और 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड में भेजा गया था। तभी से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

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