मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अधिकतम तापमान में अगले 7 दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
पिछले 24 घंटों की बात करें तो राज्य में सबसे अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया है। पूरे प्रदेश में इस दौरान बारिश का आंकड़ा शून्य रहा।
फिलहाल प्रदेश में किसी भी प्रकार का सिनॉप्टिक सिस्टम सक्रिय नहीं है। हालांकि आने वाले कुछ दिनों तक कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध बने रहने की संभावना बनी हुई है।
पिछले कुछ दिनों से जारी ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात शिशुओं की मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और अधिक रहता है।
हाइपोथर्मिया एक गंभीर आपात स्थिति मानी जाती है, जिसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट यानी 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर के जरूरी अंग सामान्य रूप से काम नहीं कर पाते।
पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 प्रतिशत गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकल जाती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
यदि कोई व्यक्ति ठंडे पानी में रहता है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अचानक तापमान बदलने से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।
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