रायपुर। जेल प्रशासन को गुणवत्ता और सुधारात्मक न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में अहम उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य की केंद्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक ISO 9001:2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
इस पहल को जेलों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मानवीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर जेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से ISO सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। यह प्रक्रिया अब सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है।
प्रमाणन जारी करने वाली संस्था द्वारा 11 फरवरी 2026 को केंद्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर के जेल अधीक्षकों को ISO 9001:2015 के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
इस प्रमाणन के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता नियंत्रण, प्रक्रियाओं में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी। साथ ही बंदी कल्याण, मानवाधिकार संरक्षण, जोखिम प्रबंधन और जन विश्वास में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल सुधारात्मक न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
ISO प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया में योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल रायपुर), खोमेश मंडावी (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल बिलासपुर), मनीष संभवकर (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल दुर्ग), अक्षय सिंह राजपूत सहित रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर केंद्रीय जेलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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