पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का रहने वाला है। पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगने के बाद वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दुर्ग में रह रहा था।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए गोरखपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां छिप गया था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। टीमें सीडीआर, टॉवर लोकेशन और अन्य तकनीकी माध्यमों से लगातार आरोपी की ट्रैकिंग कर रही थीं। इसी दौरान मोबाइल लोकेशन उत्तर प्रदेश में स्पष्ट होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
फिलहाल पुलिस टीम आरोपी को उत्तर प्रदेश से दुर्ग लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। वहीं इस मामले में फरार चल रहे अन्य दो आरोपी बी एन पांडेय और संजय पंडित की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को दुर्ग लाने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ जांच में जुटा हुआ है।
अप्रैल 2018 में मां-बेटी रोजगार की तलाश में बिलासपुर से दुर्ग पहुंचीं। रिश्तेदारों के जरिए गोविंद सिंह ठाकुर से मुलाकात हुई और उन्हें सिविल लाइन स्थित PWD क्वार्टर में ठहराया गया। मां को झाड़ू-पोंछा का काम मिला।इस दौरान नाबालिग के साथ लगातार दु%ष्कर्म किया गया।
फोटो और वीडियो बनाए गए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर डराया गया। सरकारी क्वार्टर, दफ्तर और निजी जगहों पर शोषण चलता रहा। साल 2025 (शादी तय होने के बाद)पीड़िता की शादी तुड़वाने की साजिश रची गई। शरीर पर दांत से का-टने के निशान बनाए गए।पीड़िता ने मां को पूरी आपबीती बताई और साहस जुटाकर महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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