यह घटना आशियाना थाना क्षेत्र की है। 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह पर लाइसेंसी राइफल से फायर कर दिया। मानवेंद्र सिंह शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक थे।
घटना के बाद आरोपी बेटे ने शव को आरी से काटा। हाथ-पैर को सदरौना इलाके में फेंक दिया और धड़ को घर में रखे नीले ड्रम में डालकर उसमें सीमेंट भर दिया। इतना ही नहीं, उसने चार दिन तक अपनी छोटी बहन को कमरे में बंद रखा।
शुरुआत में अक्षत ने पड़ोसियों और पिता के परिचितों को बताया कि उसके पिता दिल्ली चले गए हैं या उन्होंने आत्मह-त्या कर ली है। लेकिन घर के बाहर लगे CCTV फुटेज में दिखा कि 19 फरवरी की रात मानवेंद्र सिंह कार से घर आए थे, उसके बाद बाहर नहीं निकले। वहीं अक्षत कई बार कार लेकर बाहर जाता दिखा। लोकेशन चेक करने पर सदरौना का सुराग मिला।
संदेह होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब घर पहुंची तो तीसरी मंजिल पर खून के निशान मिले और नीचे कमरे में नीला ड्रम रखा मिला। ड्रम खोलने पर धड़ बरामद हुआ।
पूछताछ में अक्षत ने बताया कि पिता उसे बार-बार NEET की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे थे। वह दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हो पाया था। 20 फरवरी की सुबह पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।
वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने की कोशिश की। बिस्तर, चादर और खून से सने सामान को अमौसी ले जाकर जला दिया।
घटना के समय उसकी बहन कृति घर में थी। गोली की आवाज सुनकर वह बाहर आई तो उसे धमका कर कमरे में बंद रखा गया। पुलिस ने उसकी काउंसलिंग कराई है।
मानवेंद्र सिंह की पत्नी का वर्ष 2017 में निधन हो चुका था। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं।
परिवार के पास चार पैथोलॉजी लैब और तीन शराब की दुकानें थीं। पहले भी घर से जेवर गायब होने का मामला सामने आया था, जिसकी शिकायत बाद में वापस ले ली गई थी।
पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज कर अक्षत को गिरफ्तार कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने ड्रम, आरी और कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पड़ोसियों का कहना है कि मानवेंद्र सिंह पढ़ाई को लेकर सख्त थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि हालात इतने गंभीर हो जाएंगे।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। बच्चों पर बढ़ता शैक्षणिक दबाव किस दिशा में ले जा सकता है, इस पर समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
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