छत्तीसगढ़ मुझे हमेशा घर जैसा लगता है” : बस्तर पंडुम में राष्ट्रपति मुर्मू का भावुक संदेश, रायपुर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : “छत्तीसगढ़ आना मुझे हमेशा घर जैसा लगता है”—यह शब्द राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के थे, जो बस्तर पंडुम के मंच से सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचे। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्राचीन, मधुर और आत्मीय बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर पंडुम यहां के लोग किसी उत्सव की तरह जीते हैं। यहां की सुंदरता, परंपरा और संस्कृति पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

Chhattisgarh Bastar Pandum President Droupadi Murmu Emotional Speech

उन्होंने बस्तर के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चार दशकों से नाक्सलवाद के कारण आदिवासी समाज को भारी नुकसान झेलना पड़ा, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। बड़ी संख्या में लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज से जुड़ रहे हैं, उनका वह स्वागत करती हैं और भटकाने वालों की बातों में न आने की अपील भी की।

यह संबोधन जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के दौरान दिया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को ढोकरा आर्ट से बना कर्मा वृक्ष और कोसा शिल्प का गमछा भेंट किया।

सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने भी सुना संबोधन

बस्तर पंडुम में राष्ट्रपति का संबोधन सुनने सरेंडर कर चुके कई पूर्व नाक्सलि भी पहुंचे। इनमें एक करोड़ से अधिक के इनामी रहे रूपेश ने कहा कि वे भविष्य को लेकर राष्ट्रपति के विचार सुनने आए थे।

दो दिवसीय बस्तर पंडुम में विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र, वेशभूषा और रीति-रिवाजों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।

ढोकरा शिल्प ने दिलाई विश्व पहचान

कार्यक्रम से पहले राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर पंडुम 2026 के शुभारंभ में शामिल होना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक व्यंजन, संस्कृति और कला मिलकर बस्तर की पहचान को विश्व स्तर पर स्थापित करते हैं।

उन्होंने ढोकरा कला का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह शिल्प आज देश-विदेश में पसंद किया जा रहा है, जो बस्तर की पहचान बन चुका है।

पंडुम केवल आयोजन नहीं, संस्कृति का मंच

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत मंच है। इस बार 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक लोगों ने पंजीयन कराया

उन्होंने कहा कि जो बस्तर कभी नाक्सल भय से जाना जाता था, वहां अब विकास का दौर है। 31 मार्च 2026 तक पूरे बस्तर को नाक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है और कई गांवों में पहली बार तिरंगा फहरा है।

रायपुर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। यह पिछले दो महीनों में उनका दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह आज रात मेफेयर होटल में हाईलेवल बैठक लेंगे, जिसमें राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समाप्ति की तय डेडलाइन को अब करीब 52 दिन बचे हैं, ऐसे में यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

समापन कार्यक्रम में भी होंगे शामिल

अमित शाह बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे नवंबर में नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में भी पहुंचे थे।

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