चुनाव आयोग ने बुधवार को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए तारीखों का ऐलान किया। इनमें 12 सीटें एनडीए के पास हैं, जबकि 25 सीटों पर विपक्ष का कब्जा है।
मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन परिणाम सामने आ जाएंगे।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि बैलेट पेपर पर वोट डालते समय केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया गया वॉयलेट रंग का तय मानक स्केच पेन ही इस्तेमाल होगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में ईवीएम और वीवीपैट को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
आयोग के अनुसार 5 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 1.20 लाख से ज्यादा लोगों ने डेमो कैंप में भाग लिया। 1.16 लाख से अधिक लोगों ने मॉक वोटिंग की। 10 फरवरी तक 29 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन लोकेशन मोबाइल डेमो वैन से कवर किए जा चुके हैं। यह अभियान ईवीएम डेमो सेंटर और मोबाइल वैन के जरिए जारी है।
ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आम चुनाव से अलग होती है। इसमें जनता सीधे वोट नहीं करती, बल्कि विधायक सांसदों का चुनाव करते हैं।
राज्यसभा एक स्थायी सदन है। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं, इसलिए हर दो साल में चुनाव होते हैं।
राज्यसभा की कुल 245 सीटें हैं। इनमें 233 सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं।
जीत के लिए आवश्यक वोटों की संख्या पहले से तय होती है। यह कुल विधायकों और सीटों की संख्या के आधार पर तय की जाती है। एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है।
छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर भी चुनाव
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद राज्यसभा की दो सीटें खाली हो जाएंगी।
चुनाव आयोग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। 5 मार्च तक नामांकन भरे जाएंगे। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापसी की जा सकेगी।
16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। 20 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नई सदस्यता 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वे वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचे थे और संवैधानिक व कानूनी मामलों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेता हैं। वे छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और सामाजिक व जनजातीय मुद्दों पर मुखर आवाज रही हैं। उनका कार्यकाल भी 2 अप्रैल 2026 को पूरा होगा।
राजनीतिक हलकों में अब निगाहें 16 मार्च पर टिकी हैं। क्या समीकरण बदलेंगे या पुराना संतुलन बरकरार रहेगा? ऐसे ही राजनीतिक अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और खबर को शेयर जरूर करें।
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