जानकारी के मुताबिक छात्रावास में रहने वाली तीन छात्राओं के गर्भवती होने का खुलासा उस समय हुआ जब वे परीक्षा देने पहुंचीं। शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि इनमें से दो छात्राएं 12वी कक्षा की हैं, जबकि एक छात्रा 11वी कक्षा में पढ़ाई कर रही है। बताया जा रहा है कि 12वी की दोनों छात्राएं हाल ही में आयोजित बोर्ड परीक्षा में भी शामिल हुई थीं।
मामले की जांच में एक और अहम बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा इन छात्राओं के गर्भवती कार्ड भी बनाए गए थे। इसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी थी, तो छात्रावास प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों तक यह सूचना समय पर क्यों नहीं पहुंची।
घटना सामने आने के बाद छात्रावास की अधीक्षिका ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल की नहीं है। उनका कहना है कि संबंधित छात्राएं कई बार छात्रावास से अनुपस्थित रहती थीं, इसलिए उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई।
इस घटना के बाद छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि यदि छात्राएं लंबे समय से गर्भवती थीं, तो इसकी जानकारी प्रबंधन को समय रहते क्यों नहीं मिली और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम पोटा केबिन छात्रावास पहुंची और वहां मौजूद कर्मचारियों व संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ पाएगी।
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